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सरकार का झटका...

Published On :    8 Nov 2019   By : MN Staff
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केंद्रीय कर्मियों को नहीं मिलेगा ओवर टाइम



नई दिल्ली :  एक बार फिर से केन्द्र सरकार ने केन्द्रीय कर्मचारियों को ओवर टाइम भत्ता खत्म करके जोर का झकटा धीरे से दे दिया है. अब केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि केंद्रीय अब से कर्मचारियों को ओवर टाइम का भत्ता नहीं दिया जाएगा. 


इसके पीछे उनका मनना है कि सरकारी कर्मचारी आठ घंटों की निर्धारित कार्यावधि के बाद भी दफ्तर में काम करते रहते हैं, इसके लिए उन्हें ओवरटाइम दिया जाता रहा है और अधिक तनख्वाह के लिए वे ज्यादा देर काम करते हैं. लेकिन, अब उन्हें यह सुविधा नहीं मिलेगी. 


केंद्र सरकार के नए मानक नियम के अनुसार सरकारी कर्मचारियों की तनख्वाह उनके काम करने के समय पर अवलंबित होती है. यह वेतन रोजाना आठ घंटों के काम के आधार पर मिलता है. एक माह में 4 अवकाश होते हैं. श्रम विभाग ने फैसला लिया है कि अब कर्मचारियों के काम के घंटे बढ़ाए जा सकते हैं.



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सूत्रों ने बताया कि ड्राफ्ट प्रपोजल के अनुसार अब रोजाना कम से कम 9 घंटे काम की अवधि होगी. इतनी ही नहीं, कर्मचारी 12 घंटों तक भी काम कर सकते हैं, इसके लिए उन्हें प्रति घंटे के हिसाब से तनख्वाह दी जाएगी. इसके अलावा विशेष श्रेणी के कर्मचारियों के लिए भी नियमों में बदलाव होगा. महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को 16 घंटों तक काम करना होगा.



केंद्र सरकार के श्रम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 9 घंटों तक काम करने के बाद कर्मचारियों को ज्यादा काम का मेहनताना नहीं दिया जाएगा. जबकि, केंद्रीय नियमों के 1950 के कानून के अनुसार 9 घंटों तक काम करने वाले प्रत्येक कर्मचारी को 150से 200 प्रतिशत की दर से वेतन दिया जाता रहा है. अब केवल अवकाश के दिन ही काम करने पर अधिक मेहनताना मिलेगा.



बता दें कि सरकार केन्द्रीय कर्मचारियों को प्राइवेट सेक्टर में लाना चाहती है. इसलिए सरकारी नौकरियों में प्राइवेट रूल लागू कर रही है. जैसे प्राइवेट में 08 घंटे के बजाए 12 या 16 घंटे काम करने पड़ते हैं और उनको वेतन भी मामूली मिलता है. 



जबकि, कानूनन 08 घंटे काम करना सभी कर्मचारियों का अधिकार है. लेकिन, सरकार कर्मचारियों को ओवर टाइम भत्ता और एक तरह से उनके साप्ताहिक छुट्टियों को खत्म करके उनके अधिकारों को खत्म करने का काम कर रही है.

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