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तेजस्वी यादव का मुख्यमंत्री पर निशाना फौरन रद्द करें एनपीआर की अधिसूचना

Published On :    17 Jan 2020   By : MN Staff
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बिहार में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को लेकर घमासान जारी है. विपक्षी दल के नेता तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार पर बिहार की जनता को धोखा देने का आरोप लगाया है.



पटना : बिहार में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को लेकर घमासान जारी है. मुख्य विपक्षी दल के नेता और सूबे के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा की अगर नियत साफ है तो एनपीआर की अधिसूचना जारी क्यों की. 


तेजस्वी का आरोप है कि राज्य सरकार एनआरसी नहीं लागू करने की बात कहकर जनता को झूठा आश्वासन दे रही है. उन्होंने मांग हैै की अगर मुख्यमंत्री की मंशा साफ है तो वह तत्काल प्रभाव से नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) की अधिसूचना रद्द करें.


जस्वी यादव ने शुक्रवार को ट्वीट किया, ‘नीतीश जी का एनआरसी नहीं लागू करने का झूठा आश्वासन ठीक वैसे ही है जैसे सर्जन सर्जरी करने के पहले बेहोशी की सुई देकर मरीज को दर्द नहीं होने का आश्वासन देता है. नीतीश जी, अगर नियत साफ है तो एनपीआर की अधिसूचना जारी क्यों की? अगर मंशा ठीक है तो तत्काल प्रभाव से यह अधिसूचना रद्द कीजिए.’



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बताते चलें कि बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी  ने इसी महीने की शुरूआत में कहा था कि राज्य में 15 मई से एनपीआर की प्रक्रिया शुरू होगी. यह 28 मई तक चलेगी. डिप्टी सीएम ने कहा कि एनपीआर के लिए कोई नया रजिस्टर तैयार नहीं किया जा रहा है. 


यह जनगणना का हिस्सा है और इसका एनआरसी से कोई संबंध नहीं है. एनपीआर के लिए लोगों को किसी तरह का कोई दस्तावेज नहीं देना है. उन्होंने यह भी साफ किया कि एनपीआर लागू करना राज्यों की बाध्यता है. नागरिकता से संबंधित कानून बनाने का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार के पास है.


आरजेडी का राज्य सरकार पर आरोप है कि जेडीयू और बीजेपी नेता एनआरसी को लेकर जनता से झूठ बोल रहे हैं. एनपीआर एनआरसी की दिशा में पहला कदम है. नीतीश सरकार राज्य में एनआरसी लागू करने का मन बना चुकी है. अगर ऐसा नहीं होता तो फिर सरकार ने एनपीआर की अधिसूचना क्यों जारी की. आरजेडी नेता सरकार से अधिसूचना रद्द करने की मांग कर रहे हैं.

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