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आर्टिकल 370 पर सरकार का विरोध करने वालीं ब्रिटिश सांसद के साथ दुव्यवहार, एयरपोर्ट से लौटाया

Published On :    17 Feb 2020   By : MN Staff
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" बीते साल जिस दिन भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर वहां का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया था. इसके साथ ही सरकार ने हिंसक प्रदर्शनों की संभावना को देखते हुए कुछ प्रतिबंध भी लगा दिए थे. इसका मैने विरोध किया था. इसलिए भारत सरकार मेरे साथ दुव्यवहार कर रही है : डेबी अब्राहम "



नई दिल्ली : भारत में ऐसे-ऐसे लोगों को निशाना बनाया जा रहा है जो सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं या जो सरकार की बदमाशी का उजागर कर रहे हैं. एक दिन पहले ही में ब्रिटने की सांसद को भारत में प्रवेश इसलिए नहीं दिया गया कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर पर धारा 370 को लेकर टिप्पणी की थी.


गौरतलब है कि ब्रिटेन की एक सांसद ने भारत में प्रवेश नहीं मिल पाने का आरोप लगाया है. डेबी अब्राहम नाम की ये ब्रिटिश सांसद दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी थीं, लेकिन वहां उन्हें अधिकारियों ने रोक लिया. उन्होंने कहा, मेरा ई-वीजा रद्द कर दिया गया है. कश्मीर मुद्दे पर गठित संसदीय कमेटी की प्रमुख डेबी अब्राहम ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए इस बात की जानकारी दी है.


उन्होंने बताया कि उनके साथ एक अपराधी की तरह व्यवहार किया गया और उन्हें निर्वासित सेल में ले जाया गया. डेबी ने बताया कि वह सुबह 8.50 पर हवाई अड्डे पर उतरी थीं, लेकिन उनसे अधिकारियों ने कहा कि बीते साल अक्टूबर में जारी हुआ उनका वीजा, जो अक्टूबर 2020 तक वैध था, उसे रद्द कर दिया गया है. 


डेबी ने एक बयान में कहा, बाकी लोगों की तरह मैंने भी अपने दस्तावेज इमिग्रेशन डेस्क पर रखे, जिसमें मेरा ई-वीजा, पासपोर्ट साइज फोटो शामिल थे. तब अधिकारी ने स्क्रीन की तरफ देखा और अपना सिर हिलाया. फिर उसने मुझे कहा कि मेरा वीजा रद्द हो गया है, मेरा पासपोर्ट लेकर वो 10 मिनट तक वहां से गायब रहा. जब वो मेरे पास वापस आया तो काफी गुस्से में था और मुझपर चिल्लाते हुए बोला कि मेरे साथ आओ.



उन्होंने आगे कहा, मैंने उससे कहा कि मुझसे इस तरह से बात मत कीजिए और फिर वह मुझे डिपोर्टी सेल की ओर ले गया. उसने मुझे बैठने को कहा, लेकिन मैंने मना कर दिया. मुझे नहीं पता था कि वह क्या कर रहा है या वह मुझे कहां ले जाएगा? इसलिए मैं चाहती थी कि लोग मुझे देखें. इसके बाद डेबी ने अपने उस रिश्तेदार को फोन किया जिनके साथ वो रहने आई थीं और साथ ही ब्रिटिश दूतावास को फोन करके मामले की जानकारी लेने को कहा.


उन्होंने कहा, हवाई अड्डे पर जो इंचार्ज लग रहा था, उसने कहा कि उसे खुद कुछ नहीं पता और जो कुछ भी हुआ है, उसके लिए वो शर्मिंदा है. तो अब मैं डिपोर्ट किए जाने का इंतजार कर रही हूं, जब तक भारत सरकार का हृदय परिवर्तन नहीं हो जाता. मैं बताने के लिए तैयार हूं कि मेरे साथ अपराधी की तरह व्यवहार किया गया है. मुझे इस बात की उम्मीद है कि वो लोग मुझे मेरे परिवार और दोस्तों से मिलने देंगे.


बता दें कि डेबी ने ट्विटर पर अपने उस लेटर को पोस्ट करते हुए लिखा कि उन्होंने बीते साल जिस दिन भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर वहां का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया था. इसके साथ ही सरकार ने हिंसक प्रदर्शनों की संभावना को देखते हुए कुछ प्रतिबंध भी लगा दिए थे. इसका मैने विरोध किया था. इसलिए भारत सरकार मेरे साथ दुव्यवहार कर रही है.

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