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हाय रे बेरोजगारी!

Published On :    23 Feb 2020   By : MN Staff
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चुनाव में बेरोजगारी खत्म का दावा करने वाली कांग्रेस और मौजूदा सरकार ने बेरोजगारी कम करने पर आज तक कोई कदम नहीं उठाई है. बल्कि कई सावर्जनिक क्षेत्रों की कई कंपनियां को बंद कर बेरोजगारी बढ़ा दी है.



जयपुर । चुनाव में बेरोजगारी खत्म का दावा करने वाली कांग्रेस और मौजूदा सरकार ने बेरोजगारी कम करने पर आज तक कोई कदम नहीं उठाई है. बल्कि कई सावर्जनिक क्षेत्रों की कई कंपनियां को बंद कर बेरोजगारी बढ़ा दी है. 


आज देश में बेरोजगारी का आलम यह है कि सफाईकर्मी, माली की नौकरी पाने के लिए पीएडी, इंजीनियरिंग सहित कई उच्च डिग्रीधारक लाईन में लगे हैं. देश में हर साल लाखां बेरोजारों की संख्या बढ़ रही है. इसका नजारा राजस्थान में उस वक्त देखने को मिला जब रोजगार कार्यालय एक आंकड़ा जारी करते हुए दावा किया है कि राजस्थान में करीब 12 लाख से अधिक पंजीकृत बेरोजगार रोजगार पाने की लाइन में हैं.


यही हकीकत है कि आज भी प्रदेश में बेरोजगारों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, इसमें सबसे अधिक शिक्षित डिप्लोमाधारी हैं. यदि रोजगार कार्यालयों के आंकडो पर गौर करें तो प्रदेश में अभी 12 लाख 91 हजार 752 बेरोजगार आशार्थी हैं. ये वे आशार्थी है जो रोजगार कार्यालय में पंजीकृत है. 


रोजगार कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि रोजगार विभाग रोजगार का सृजन नहीं करता है वह तो बेरोजगारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में सहायता करता है. यही नहीं इसके अलावा अन्य बेरोजगार आशार्थी भी हैं. यदि पंजीकृत और गैर पंजीकृत सभी को मिलाया जाए तो प्रदेश में करीब 25 लाख से अधिक बेरोजगार युवक हैं, जिनमें शिक्षित और अशिक्षित शामिल हैं.


रोजगार कार्यालयों के आंकडो़ं के अनुसार, प्रदेश में 31 दिसम्बर 2019 तक सबसे अधिक बेरोजगार जयपुर जिले में हैं. यहां पर 1 लाख 35 हजार 061 बेरोजगार पंजीकृत है. जबकि, दूसरे नंबर पर सीकर जिला है. यहां 1 लाख 7 हजार 828 बेरोजगार हैं, फिर भी सरकार इनके लिए कोई विशेष रोगार के अवसर उपलब्ध नहीं करा रही है. यही हाल दूसरे जिलों के भी हैं.


वहीं अन्य जिलों की बात करें तो रोजगार कार्यालय से प्राप्त हुए आंकडो में अजमेर में 33 हजार 878, अलवर में 89 हजार 955, बांसवाडा में 26 हजार 40, बारा में 25 हजार 130, बाडमेर में 18 हजार 410, भरतपुर में 58 हजार 904, भीलवाड़ा में 24 हजार 798, बीकानेर में 32 हजार 768, बूंदी में 26 हजार 168, चित्तौडगढ़ में 14 हजार 607, चूरू में 54 हजार 444, दौसा में 56 हजार 645, धौलपुर में 22 हजार 653, डूंगरपुर में 16 हजार 932, श्रींगानगर में 44 हजार 449, हनुमानगढ में 47 हजार 001, जैसलमेर में 5 हजार 840, जालोर में 15 हजार 582, झालावाड़ में 25 हजार 567, झुन्झुनूं में 80 हजार 959, जोधपुर में 46 हजार 411, करौली में 35 हजार 621, कोटा में 38 हजार 393, नागौर में 59 हजार 356, पाली में 24 हजार 227, प्रतापगढ़ में 10 हजार 016, राजसमंद में 10 हजार 557, सवाई माधोपुर में 33 हजार 253, सिरोही में 13 हजार 720, टोंक में 32 हजार 388 और उदयपुर में 24 हजार 191 पंजीकृत बेरोजगार शामिल हं

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