×

चीन के साथ कांग्रेस-बीजेपी का पुराना याराना

Published On :    7 Aug 2020   By : MN Staff
साझा करें:

कांग्रेस और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी समझौते पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई हैरानी



नई दिल्ली : देश में भले ही चीन के खिलाफ कांग्रेस-बीजेपी बहिष्कार अभियान चलाती हों, लेकिन हकीकत इसके उलट है. सच्चाई यह है कि चीन के साथ कांग्रेस और बीजेपी का संबंध लैला-मजनू जैसा ही है. यह बात देश की जनता को नहीं है. जनता को केवल यही पता है कि चीन भारत का दुश्मन है. इसलिए भारत सरकार चीन का बहिष्कार कर रही है. सुप्रीम कोर्ट में चीन की सत्ताधारी पार्टी के बीच कांग्रेस समझौते को लेकर दायर याचिका इस बात का प्रमाण है कि चीन के बीच न केवल कांग्रेस, बल्कि बीजेपी का भी पुराना याराना है. यानी कांग्रेस और बीजेपी दोनों एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं.


गौरतलब है कि देश की कांग्रेस पार्टी और चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के बीच बीजिंग में 7 अगस्त 2008 को हुए समझौते को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने विचार करने से इनकार कर दिया है. याचिकाकर्ता को पहले हाईकोर्ट जाने को कहा गया है. याचिका में इस मामले की एनआईए या सीबीआई से जांच कराने की मांग की गई थी. चीफ जस्टिस एसए बोबड़े की अगुआई में बेंच ने याचिकाकर्ता को पहले हाई कोर्ट जाने को कहा है. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हैरानी जताते हुए कहा, कैसे एक राजनीतिक पार्टी का किसी विदेशी सरकार के साथ समझौता हो सकता है, यह कानून में अनसुना है.


याचिकाकर्ता दिल्ली के वकील शशांक शेखर झा और गोवा से संचालित ऑनलाइन न्यूज पोर्ट गोवा क्रोनिकल के संपादक सेवियो रोदरिग्यूज ने याचिका में कहा था कि यह एमओयू राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करता है और यूएपीए कानून के तहत एनआईए या सीबीआई को इसकी जांच करनी चाहिए. वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश होते हुए कहा कि इस समझौते के तहत मकसद ठीक नहीं हैं. इस समझौते को सार्वजनिक किया जाए. उन्होंने याचिका में बदलाव की भी अनुमति मांगी. कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से पूछा कि वे पहले हाई कोर्ट क्यों नहीं गए? जेठमलानी ने उत्तर दिया, यह केस राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है. लेकिन बेंच ने कहा कि यह याचिका को हाई कोर्ट में दाखिल करने से नहीं रोकता है.



यह भी पढ़े : सरकारी कर्मचारियों को बेरोजगार बनाने का सरकारी अभियान



याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चीन के साथ खराब रिश्तों के बावजूद कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार में रहते हुए एमओयू साइन किया. इस समझौते के तथ्यों और ब्योरों को सार्वजनिक नहीं किया गया है. इस मामले में कांग्रेस पार्टी के साथ सोनिया और राहुल गांधी को भी पक्ष बनाया गया है. याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले की यूएपीए के तहत एनआईए से जांच कराने को लेकर आदेश देने की मांग की थी. गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) संशोधन कानून (यूएपीए) के तहत आतंकवादी गतिविधियों या भारतीय संघ से देश के किसी हिस्से में अलगाव लाने का इरादा रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है. विकल्प के तौर पर याचिकाकर्ताओं ने सीबीआई जांच की भी मांग की.



यह भी पढ़े : वरिष्ठ अधिकारियों के बंगले पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्तियाँ खत्म करेगा रेलवे



हाल ही में पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बाद कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार को घेरते हुए कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर विफल होने का आरोप लगाया था. सत्ताधारी बीजेपी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पार्टी की ओर से सोनिया गांधी और राहुल गांधी द्वारा चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ एमओयू साइन करने का मुद्दा उठाया. यूपीए की चेयरपर्सन रहीं सोनिया गांधी और की मौजूदगी में एमओयू पर बीजिंग में साइन किया गया. मीडिया रिपोर्ट्स का जिक्र करते हुए याचिकाकर्ताओं ने कहा कि 2008 से 2013 के बीच चीनी सैनिकों ने 600 बार घुसपैठ की थी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपनी सरकार के दौरान सूचना का अधिकार कानून लेकर आई, लेकिन इस मामले में खुद पदर्शिता नहीं बरत पाई, जो राष्ट्रीय महत्व का मामला है. यानी कांग्रेस बीजेपी दोनों एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं.

संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
विदेशी कर्ज के जंजाल में फँसता भारत, देश पर 101.3 लाख करोड़ का
राष्ट्रीय आत्महत्या रोकथाम रणनीति के बिना ही चल रहा भारत
300 से कम कर्मचारियों की क्षमता के उद्योगों में कामगारों क
यूपी में एक बार फिर अल्पसंख्यकों के साथ पक्षपात
उद्धव, आदित्य ठाकरे, सुप्रिया सुले के चुनावी हलफनामों की
आखिर केंद्र सरकार ने माना, कोरोना महामारी में ट्रेनों मे
भारत की अहम जानकारी चीन को देने पर पत्रकार राजीव शर्मा गि
पानी के लिए हाहाकार
भारत को स्वास्थ्य ढांचे में लंबे समय तक निवेश जारी रखना च
लॉकडाउन के समय 31 फीसदी कम लगे टीके
आर्थिक तंगी का सामना कर रहे झारखंड को केंद्र ने दिया बिजल
विज्ञापन के जरिये पांच सालों में सोशल मीडिया पर सिर्फ एक
पूर्वोत्तर में भी भाजपा द्वारा मीडिया को अपने पक्ष में ब
अटल सरकार में हुए करोड़ों के घोटाले की 19 साल बाद खुली पोल
निजी कंपनियों को ट्रेनों का किराया तय करने की होगी आजादी,
गरीब बच्चों को ऑनलाइन क्लास को उपकरण, इंटरनेट मुहैया करा
सेना ने माना, शोपियां मुठभेड़ में जवानों ने किया नियमों का
मनरेगा मजदूरी में झोलझाल
हरसिमरत कौर के इस्तीफ़े के बाद शिअद पर एनडीए से नाता तोड़न
पंजाब में भी कृषि विधेयक के खिलाफ़ किसानों का विरोध प्रदर
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper