×

लापरवाह सरकार की लापरवाह संस्थाएं

Published On :    11 Jun 2018   By : MN Staff
साझा करें:

दो सालों से एनसीआरबी ने नहीं जारी किए किसान आत्महत्या के ऑकडे़



नई दिल्ली: ईवीएम घोटाले से सत्ता पर सवार हुई संघ की सरकार लापरवाह ही नहीं बल्कि इसके नियंत्रण में चलने वाली सभी संस्थाएं ही लापरवाह हो चुकी हैं जिसमें नेशनल क्राइम रिपोर्ट व्यूरों जैसी संस्था शामिल है। जिसने दो सालों से किसान आत्महत्या के आंकड़े जारी नहीं किए हैं।


किसानों की जायज मांगों को लेकर इस समय केन्द्र सरकार चौतरफा घिरी हुई है। अधिकांश भाजपा शासित राज्यों की सरकारें किसानों की सबसे अधिक उपेक्षा कर रही है क्योंकि किसानों को सत्ता में काबिज पार्टियों से क्या मिलता है किसानों से कुछ नहीं मिलने की वजह से सरकारें किसानों की बजाय पूंजीपतियों का ज्यादा ख्याल रखती हैं क्योंकि इनसे चुनाव लड़ने के लिए चन्दा मिलता है.


इसी घोर उपेक्षा एवं उनके द्वारा पैदा की जा रही फसलों का उचित मूल्य न मिलने तथा खेती की लागत महगाई के कारण अधिक होने की वजह किसानों को शाहूकारों का कर्ज लेना होता है जो फसलों का उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण समय पर कर्ज अदा नहीं कर पाते कर्ज अदा नहीं है कर पाने के कारण वे अपने परिवार का ठीक से पालन पोषण नहीं कर पा रहे हैं। 


जिसके चलते वे आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं जिसके राष्ट्रीय अपराध रिपोर्ट व्यूरों (एनसीआरवी) ने पिछले दो सालों से किसान आत्महत्या के आंकड़े जारी नहीं किए हैं जो घोर लापरवाही का सबूत है।


एनसीआरवी वेवसाइट पर किसान आत्महत्या से सम्बंधित पिछले आंकड़े केवल 2015 तक के उपलब्ध है इसका मतलब साफ है कि एनसीआरवी ने 2016 और 2017 तक किसान आत्महत्या के आंकड़े जारी नहीं किए हैं। 


बताते चलें कि एनसीआरवी पर पूरे देश में किसान आत्महत्या का डेटा संकलित करके उसे संक्षेप में पेश करने की जिम्मेदारी है एनसीआरवी ने 2016 और 2017 में किसान आत्महत्या और किसानों के बड़े आन्दोलनों को अपने डाटा में शामिल नहीं किया है। 


आंकड़ों के अनुसार 2015 में 8007 किसानों और 4595 खेती किसानी से जुड़े मजदूरों ने आत्महत्या की थी इसी प्रकार 2014 में 5650 किसानों के साथ-साथ 6710 कृषि मजदूरों ने भी आत्महत्या की थी कुछ दिनों पश्चात केन्द्रीय गृहमंत्रालय ने किसान आत्महत्या का एक अस्थाई रिपोर्ट पेश की थी जिसके अनुसार कि 6357 किसानों एवं 5019 कृषि क्षेत्र से जुड़े मजदूरों ने आत्महत्या की जिसमें किसान आत्महत्या के कारणों पर कोई उल्लेख नहीं हुआ है यह सत्ताधारी सरकारों की घोर लापरवाही का नतीजा है।

संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
खुदकुशी करने वालों में सबसे ज्यादा भारतीय युवा -सर्वे.
बीजेपी एमएलए ने दी पत्रकारों को धमकी, कहा शुजात बुखारी जै
‘मन’ की बात में मनमानी, भारत-अफगानिस्तान के मैच में दिखा ट
चाची तुझे सलाम...
पैसे एंठने के लिए‘ब्रेन डेड’को वेंटिलेटर पर रखा,अस्पताल
सरकारी बैंकों का बढ़ता एनपीए सरकार के लिए बना गले की फांस
सरकारी बैंकों का बढ़ता एनपीए सरकार के लिए बना गले की फांस
मिशन 2019 में जुटा आरएसएस, बीजेपी की जीत के लिए मूलनिवासियो
बीते वर्ष बिहार से 6139बच्चे लापता हुए, 2546 का आज तक कोई सुराग
अब ओड़िशा में मिले ‘दशरथ मांझी’
एक ही रात में दो दर्दनाक मौतें
पूर्व प्रधानमंत्री शास्त्री की मौत से जुड़ी फाइलों को सार
धार्मिक भेदभाव के आरोपी पासपोर्ट अफसर के समर्थन में आया
भारतीय विद्यार्थी मोर्चा के आगे झुका कानपुर देहात जिला प
हिंदुत्व की भावना से और ध्रुवीकरण से चुनाव जीतेगी भाजपा,
बीजेपी महासचिव को चाकुओं से गोदा
झारखंड में पाँच लड़कियों का हथियारों के बल पर गैंग रेप
लोन के बदले बैंक मैनेजर ने किसान की पत्नी से रखी शारीरिक स
बैंक घोटालों का टूटता रिकार्ड
वर्दी के लिए कुछ भी नहीं, हथियारों की खरीद पर भारी खर्च
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper