×

यूपी में एक बार फिर अल्पसंख्यकों के साथ पक्षपात

Published On :    20 Sep 2020   By : MN Staff
साझा करें:

अल्पसंख्यांक विकास के 16,207 लाख में से सिर्फ 10 फीसदी ही खर्च



लखनऊ : उत्तर प्रदेश में चाहे सरकार कांग्रेस की रही हो या बीजेपी की, दोनों के सरकारों ने यूपी में अल्पसंख्यकों को पीछे धकेलने का ही काम किया है. आज के हालात ये हो गए हैं कि अल्पसंख्य समुदाय की स्थिति एससी, एसटी के भी बदतर हो गई है. यही नहीं अल्पसंख्य समुदाय को मॉबलिंचिंग, गोहत्या, फर्जी एनकाउंटर और आतंकवाद के नाम पर उनकी संख्या से अधिक लोगों को मौत के घाट उतारा जा चुका है. 


इसके अलावा कई अल्पसंख्यकों के ऊपर फर्जी आरोप लगाकर उन्हें जेलों में बंद किया गया है. यूपी में कांग्रेस के बाद अब वहीं ढर्रा बीजेपी सरकार बड़े पैमाने पर अपना रही है. सरकार पर एक बार फिर अल्पसंख्यकों के साथ पक्षपात करने का आरोप लग रहा है.


17 सितंबर को अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्रालय ने संसद में बताया कि यूपी सरकार ने अल्पसंख्यक-बहुल क्षेत्रों के विकास के लिए दिए गए 16,207 लाख में से सिर्फ 10 फीसदी ही खर्च किया है. ये पैसा केंद्र के प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार को दिया गया था. 


राज्य सरकार को इन क्षेत्रों में रहने की स्थिति और इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास करना था. 18 सितंबर को मंत्रालय की तरफ से जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक, 2019-2020 में यूपी सरकार ने केंद्र की तरफ से मिले 16,207 लाख रुपये में से सिर्फ 1,602 लाख ही इस्तेमाल किए. पीएमजेवीके के तहत जारी हुए इस पैसे से 15 जिलों के 89 कस्बों में 249 यूनिट्स में स्कूल और अस्पताल जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर का सुधार होना था. ये सब यूनिट्स वो होतीं, जहां 25 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम जनसंख्या है.  


इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि यूपी के सांसदों ने इस बात पर चिंता जताई है. यूपी के अमरोहा, मुरादाबाद और कई जिलों के सांसदों ने अखबार से कहा कि पैसे का कम इस्तेमाल यूपी सरकार का मुस्लिम समुदाय की तरफ भेदभाव दिखाता है. रिपोर्ट के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ की सरकार से पहले 2015-16 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी. 



यह भी पढ़े : 300 से कम कर्मचारियों की क्षमता के उद्योगों में कामगारों को निकालने की होगी आजादी



इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान राज्य को इस स्कीम के तहत 32,462 लाख रुपये मिले थे, जिसमें से 62 फीसदी खर्च किए गए थे. जबकि, 2016-17 में यूपी ने 14,364 लाख में से 39 फीसदी खर्च किए. वहीं, 2017-18 में 15,182 लाख में से 40 फीसदी खर्च हुए और 2018-19 में 37,653 लाख में से सिर्फ 31 फीसदी ही खर्च किए गए.


बता दें कि यूपी सरकार पर अल्पसंख्यकों के साथ ‘भेदभाव’ करने का जो आरोप लगता रहा है वह किसी भी मायने में गलत नहीं है. क्योंकि, यूपी की योगी सरकार में कई ऐसे उदाहरण देखने को मिल चुकी है. यह रिपोर्ट भी इस बात की गवाही दे रही है. इसके साथ ही बीजेपी के नेताओं ने मुस्लिम विरोधी जहर उगलने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी है. इसका भी उदाहरण यूपी में लोकसभा और विधानसभा चुनावों में देखा जा चुका है. यहां तक कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले सुल्तानपुर में एक रैली के दौरान बीजेपी नेता मेनका गांधी ने मुस्लिमों से कहा था, मुझे वोट दो या फिर मेरे पास काम के लिए मत आना.


इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी सरकार के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें फंड के कम इस्तेमाल के बारे में नहीं पता था. अधिकारियों ने कहा कि वो केंद्र की स्कीमों को राज्य में लागू करने वाली संस्थाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार को कम करने की व्यवस्था कर रहे हैं.

संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
बामसेफ और राष्ट्रीय मूलनिवासी संघ के 37 वे वर्चुअल अधिवेश
बिहार में उपेंद्र कुशवाहा का गठबंधन बन सकता हैं किंगमेकर
सरकार की आलोचना के लिए जनता को प्रताड़ित नहीं किया जा सकता
गुर्जर आरक्षण को लेकर आंदोलन तेज, करौली- भरतपुर में इंटरन
भाजपा की जनसभा मे 200 लोग भी नहीं जुटे, गुस्से में उमा भारती
प्रधानमंत्री की सभा में उडी नियमों की जमकर धज्जियाँ, खूद
रक्षा मंत्रालय ने ठुकराई सैनिको के हालात देखने लेह जाने
आरोग्य सेतु एप किसने बनाया, सरकार को नहीं पता
क्लीन चिट के बावजूद निलंबन नहीं किया जा रहा रद्द
सुशांत सिंह मामले में जी न्यूज़, इंडिया टीवी ने मांगी माफी,
भूपेश बघेल सरकार ने माफ किया टाटा पर लगा 200 करोड़ का जुर्मान
अशोका विजयादशमी पर पंजाब, हरियाणा में फुंके रावन की जगह प
उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र रावत की बढ़ी मुश्किले, हाईको
बिहार में पहले चरण के वोटिंग के दौरान कई जगह ईवीएम हुई खरा
पक्षतात के आरोप से घिरी फेसबुक की अधिकारी आंखी दास ने दिय
बामसेफ के 37वें वर्चुअल राष्ट्रीय अधिवेशन की जोरदार तैया
बिहार के मतदाताओं में बढ़ा भाजपा-जेडीयू गठबंधन के प्रति व
संघ परिवार से जुड़े दल के कार्यकर्ता ने ताजमहल परिसर में ल
प्रवासी मजदूर घर नहीं जा सकते, लेकिन देश में आ रहे अवैध हथ
बिहार में बाढ़ ने मचाया था हाहाकार, किसी दल ने नहीं बनाया च
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper