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संत रविदास मंदिर मामला फीर गरमाया, समिती ने की पूरी जमीन की मांग

Published On :    19 Oct 2020   By : MN Staff
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पिछले साल 10 अगस्त को कोर्ट के आदेश पर मंदिर को तोड़े जाने और दीवार लगाने की डीडीए के आदेश के बाद फीर यह मामला गर्माता जा रहा है. दिल्ली विकास प्राधिकरण से पारित 400 वर्ग मीटर जमीन लेने से इनकार करने हुए तुगलकाबाद में श्री गुरु रविदास मंदिर पुनर्निर्माण संघर्ष समिति लामबंद हो रही है.



नई दिल्ली : पिछले साल 10 अगस्त को कोर्ट के आदेश पर मंदिर को तोड़े जाने और दीवार लगाने की डीडीए के आदेश के बाद फीर यह मामला गर्माता जा रहा है. दिल्ली विकास प्राधिकरण से पारित 400 वर्ग मीटर जमीन लेने से इनकार करने हुए तुगलकाबाद में श्री गुरु रविदास मंदिर पुनर्निर्माण संघर्ष समिति लामबंद हो रही है.  समिति की मांग हैं कि उन्हें 13 हजार 300 मीटर मंदिर की पुरानी ऐतिहासिक जमीन चाहिए.

दरअसल रविदास मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 400 वर्ग मीटर जमीन देने का प्रस्ताव दिया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया. जिस जगह मंदिर गिराया गया था उसी जगह मंदिर निर्माण की इजाजत दे दी थी. लेकिन गुरु रविदास मंदिर पुनर्निर्माण संघर्ष समिति ने यह जमीन लेने से इनकार करते हुए पूरी जमीन की मांग की है.

400 वर्ग मीटर जमीन पर तैयारियां चल रही हैं और डीडीए ने अपनी बोर्ड बैठक में इसे पारित करने का फैसला भी कर लिया है. इस दौरान गुरु रविदास मंदिर पुनर्निर्माण संघर्ष समिति ने प्रधानमंत्री, शहरी विकास मंत्री, दिल्ली के उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, डीडीए उपाध्यक्ष सहित दिल्ली के सातो सांसदों को पत्र लिखकर मांग की है कि मास्टर प्लान 2041 की तैयारी के तहत 10 अगस्त 2019 से पहले जितनी भूमि मंदिर के हिस्से थी वह सारी मंदिर को दी जाए क्योंकि 1509 में तत्कालीन बादशाह सिकंदर लोदी ने रविदास को यह जमीन दान में दी थी.



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समिति ने यह भी मांग की है कि देश में रविदास के समर्थकों की आस्था को देखते हुए दिल्ली के जहांपनाह सिटी फारेस्ट का नाम बदलकर गुरु रविदास सिटी फारेस्ट रखा जाए. समिति का कहना है कि उन्हें 400 मीटर जमीन मंजूर नहीं है. 


गुरु रविदास मंदिर पुनर्निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष संत सतविंदर सिंह हीरा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष खविन्दर सिंह कैप्टन की अगुआई में प्रतिनिधिमंडल ने प्रयंका गांधी वाड्रा से मुलाकात भी की थी. मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 21 अक्तूबर को स्पष्ट किया कि पुरानी जगह पर रविदास मंदिर का पक्का ढांचा तैयार किया जाएगा.



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बता दें कि पिछले साल 10 अगस्त को कोर्ट के आदेश पर मंदिर को तोड़े जाने और दीवार लगाने की डीडीए के खिलाफ दिल्ली ही नहीं पूरे देश में बवाल हुआ था और 21 अगस्त को रामलीला मैदान में श्री गुरु रविदास के समर्थकों ने विशाल रैली की थी. इस बार फिर दिल्ली में डीडीए मुख्यालय के सामने धरना प्रदर्शन करने की तैयारी की जा रही हैं जिसमें जिसमें देशभर कई अनुयायी शामिल होंगे.
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