×

बैंकों का निजीकरण शुरू

Published On :    14 Jun 2018   By : MN Staff
साझा करें:

एफडीआई के जरिए 24,000 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव को दी मंजूरी



मुम्बई: सरकार ने बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में एचडीएफसी बैंक के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जिसमें उसने एफडीआई के जरिए 24 हजार करोड़ रुपए जुटाने की बात कही है। बैंक ये रकम अपनी बिजनेस ग्रोथ के लिए जुटाना चाहती है। 


इस पूंजी को जुटाने के साथ ही, बैंक में एफडीआई की यह निवेश सीमा 74 फीसद के नियामकीय दायरे में ही होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने यह जानकारी दी। 


वर्तमान समय में एचडीएफसी बैंक में एफडीआई की सीमा 72.62 फीसद है। 24,000 करोड़ रुपये की इस अतिरिक्त पूंजी में से 8,500 करोड़ रुपए मूल्य के शेयर बैंक के प्रवर्तक एचडीएफसी लिमिटेड को वरीयता के आधार पर आबंटित किए जाने का प्रस्ताव है। 


वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि इस तरीके से बैंक के पूंजी पर्याप्तता अनुपात को मजबूती मिलेगी और बैंक ने इस पूंजी से अपने ब्रांच नेटवर्क के साथ ही डिजिटल बैंकिंग के पहुंच के विस्तार का इरादा जताया है। वहीं, दूसरी तरफ सरकारी बैंकों की लाभप्रदता भी हाल फिलहाल के दिनों बेहतर नहीं रही है। 


ऐसा इसलिए क्योंकि सार्वजनिक क्षेत्र के कई बैंक इस समय एनपीए रिकवरी के लिए मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। गौरतलब है कि सरकार तेजी से बढ़ रहे एनपीए के दायके को कम करने और इस समस्या को जल्द से जल्द सुलझाने के नाम पर कई स्तर पर प्रयास कर रही है।


उक्त बातों का विश्लेषण करने से पता चलता है कि बैंकों का निजीकरण करने के लिए है सरकारी बैंकों में भ्रष्टाचार का खेल जारी रहा, क्योंकि इससे सरकार बड़ी आसानी से बैंकों को घाटा दिखाकर बैंकों का निजीकरण कर सकती है। 


एचडीएफसी बैंक में एफडीआई के जरिए 24,000 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव को दी मंजूरी देना इस बात का ताजा सबूत है। यही नहीं आने वाले समय में बहुत जल्द ही अन्य बैंकों का भी निजीकरण शुरू किये जाने का संकेत है।

संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
केरल में बाड़ से अब तक 97 की मौत, बढ़ सकता है ये आंकड़ा
आयुष्मान भारत योजना के नाम पर ठगे जा रहे लोग
पॉलिटेक्निक में 49 हजार सीटें खाली
पांच हजार करोड़ के लोन घोटाले का आरोपित गिरफ्तार
बीजेपी कार्यालय के बाहर स्वामी अग्निवेश पर हमला
डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और कैंसर की दवाओं के दामों में फिर ह
बरी हुआ एक और जुर्म का बाहुबली
छत्तीसगढ़-झारखण्ड के सीएम पद हों एसटी के लिए आरक्षित- वामन
शरद यादव होंगे बहुजनों के प्रधानमंत्री उम्मीदवार-वामन म
हरियाणा में 500 वंचितों ने विषमतावादी धर्म छोड़, अपनाया बौ
एटीएस ने मराठा आंदोलन के दौरान हिंसा फैलाने की कोशिश करन
ओबीसी के प्रोन्नती में आरक्षण के बहाने एससी, एसटी पर निशा
एक देश, एक चुनाव सहमत आयोग
जब ATM फ़िक्स हो सकती है तो EVM क्यों नही? -वी एल मातंग
हिंदू महासभा ने बनाया हिंदू कोर्ट
अटल अटल नहीं है...
बिहार के आश्रय गृहों के सोशल ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करे
सुकमा मुठभेड़ : छत्तीसगढ़ सरकार ने किया सवतंत्र जाँच कराने
देश की हवा सुधरे तो चार साल ज्यादा जिंदा रह सकते हैं भारती
पटना के एक आश्रय गृह में नाबालिग समेत दो महिलाओं की मौत
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper