×

पुलिसकर्मियों की गवाही पर संदेह जताकर अदालत ने दी दो आरोपियों को ज़मानत

Published On :    14 Jan 2021   By : MN Staff
साझा करें:

फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा से जुड़े एक मामले में दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने पुलिस गवाहों की विश्वसनियता पर संदेह जताते हुए दो लोगों को जमानत दे दी.



नयी दिल्ली : फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा से जुड़े एक मामले में दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने  पुलिस गवाहों की विश्वसनियता पर संदेह जताते हुए दो लोगों को जमानत दे दी. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने गोकुलपुरी इलाके में दंगे के दौरान एक दुकान में कथित तोड़फोड़ एवं आगजनी से जुड़े मामले में मोहम्मद शोएब और शाहरुख को बीस-बीस हजार रुपये के जमानती बॉन्ड और समान राशि के मुचलके पर जमानत दे दी.


अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष कॉन्स्टेबल विपिन और हेड कॉन्स्टेबल हरि बाबू द्वारा सात अप्रैल, 2020 को सीआरपीसी की धारा 161 के तहत दर्ज किए गए बयान में स्पष्ट रूप से की गई पहचान के आधार आरोपियों की जमानत अर्जियों का विरोध कर रहा है. कोर्ट ने कहा, उनके द्वारा की गई शिनाख्त का बमुश्किल कोई अर्थ है, क्योंकि भले ही वे घटना के वक्त क्षेत्र में बीट अधिकारी के रूप में तैनात थे, पर उन्होंने आरोपियों का नाम लेने के लिए अप्रैल तक का इंतजार किया, जबकि उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि उन्होंने आरोपियों को 25 फरवरी, 2020 को दंगे में कथित रूप से शामिल देखा था.


कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, ‘पुलिस अधिकारी होने के नाते उन्हें किस बात ने इस विषय को थाने में रिपोर्ट करने या उच्च अधिकारियों के समक्ष लाने से रोका. इससे दोनों ही पुलिस गवाहों की विश्वसनीयता पर संदेह पैदा होता है. 



यह भी पढ़े : हाइवे निर्माण करने वाली कंपनी से रिश्वत लेते डीएम, एडीएम गिरफ्तार


कोर्ट ने कहा, पुलिस ने जिस सीसीटीवी फुटेज पर भरोसा किया, वह 24 फरवरी, 2020 का है, जबकि यह घटना अगले दिन हुई. आदेश में कहा गया, ‘जांच एजेंसी ने घटना के दिन वाले 25 फरवरी 2020 का कोई सीसीटीवी या वीडियो फुटेज पेश नहीं किया है.’ अदालत ने कहा, शोएब और शाहरुख को मौके से गिरफ्तार नहीं किया गया. दोनों आरोपी समानता के आधार पर जमानत पाने के हकदार हैं.


कोर्ट ने कहा, मामले में जांच पूरी हो चुकी है, चार्जशीट भी दायर की जा चुकी है. मामले में सुनवाई लंबी चल सकती है. आवेदकों को इस तथ्य पर जेल में कैद नहीं रखा जा सकता कि दंगाई भीड़ में शामिल अन्य लोगों की पहचान हो चुकी है या उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है. 



यह भी पढ़े : स्पेशल मैरिज एक्ट पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला



अदालत ने दोनों आरोपियों से सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करने और अपने मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने को कहा है. सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से पेश वकील सलीम मलिक ने कहा कि उनके मुवक्किल को इस मामले में फंसाया गया है और उनके मुवक्किल घटना के समय वहां सिर्फ खड़े थे.


बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून के समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसा के बाद 24 फरवरी को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा में कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई थी जिसमे मुस्लिमों की संख्या ज्यादा हैं. और लगभग 200 अन्य घायल हो गए थे. इस दंगे में खासकर मुस्लिमों के घरों और दुकानों को निशाना बनाया गया था.
संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
बालाकोट एयरस्ट्राइक की पहले से थी अर्नब को जानकारी, पूर्
पीएम केयर फंड को लेकर पूर्व नौकरशाहों ने भी उठाए सवाल
कोरोना का टीका लगाने के बाद नॉर्वे में 23 बुजुर्गों की मौत
दुनिया के बड़े नेता लगा चुके कोरोना का टीका पर पीएम नरेंद्
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को उचित सुरक्षा नही देता भारत
जांच से समझौते के लिए नियमित घूस लेते थे सीबीआई अधिकारी :
टीआरपी घोटाला मामले में अर्नब गोस्वामी पर लटक रही गिरफ्त
बीजेपी कर रही कांग्रेस का अनुसरण, उसकी भी हालत कांग्रेस ज
आंदोलन के बीच एनआईए का समन मिलने पर किसान नेता बोले
पुलिस कह रही मुनव्वर फारूकी के खिलाफ कोई सबूत नहीं, फिर भी
किसानों के मामले में अर्जेंट सुनवाई हो सकती है तो कश्मीर
किसान संगठनों और सरकार के बिच नौवे दौर की वार्ता में भी नह
झारखंड के साइबर अपराधियों का बढ़ता जा रहा खौफ, कि थी जस्टिस
पुलिस मुख्यालय की नाक के नीचे महिला के साथ बलात्कार
अवैध शराब बनाने के आरोप में भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्
ईसाई समुदाय के खिलाफ नहीं थम रही हिंसा की घटनाए, 2020 में साम
मवेशियां ले जा रहे मुस्लिम ड्राईवर की गोरक्षा के नाम पर प
अर्नब गोस्वामी की वॉट्सऐप चैट शेयर कर बोले प्रशांत भूषण,
नीति आयोग, वित्त मंत्रालय की आपत्ति की अनदेखी कर अडानी को
एक तरफ किसान, दूसरी तरफ होंगे जवान, अद्भुत होगा 26 जनवरी का
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper