×

किसान पिता-पुत्रों ने अपनी मौत का मोदी सरकार को ठहराया जिम्मेदार

Published On :    23 Feb 2021   By : MN Staff
साझा करें:

पंजाब के किसान पिता-पुत्रों ने सुसाइड नोटों में अपनी मौत के लिए जिम्मेदार मोदी सरकार को ठहराया है. यह मामला होशियारपुर जिले के मुहद्दीपुर गांव का है. मृतकों की पहचान नंबरदार जगतार सिंह उनके बेटे कृपाल सिंह के रूप में हुई है.



नई दिल्ली : पंजाब के किसान पिता-पुत्रों ने सुसाइड नोटों में अपनी मौत के लिए जिम्मेदार मोदी सरकार को ठहराया है. यह मामला होशियारपुर जिले के मुहद्दीपुर गांव का है. मृतकों की पहचान नंबरदार जगतार सिंह उनके बेटे कृपाल सिंह के रूप में हुई है. सुसाइड नोट में उन्होंने मोदी सरकार के साथ-साथ पंजाब की कैप्टन अमरिंदर सरकार को भी जिम्मेदार ठहराया है. दोनों पिता-पुत्र किसान आंदोलन में खासे सक्रिय रहे थे. वो सिंघू बार्डर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल भी हुए थे.


जगतार सिंह इससे पहले गांव के सरपंच भी रह चुके हैं. परिजनों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों सुसाइड नोट बरामद किए. इनमें लिखा है कि मोदी सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है. सरकार किसानों के मन की बात नहीं सुन रही है. कृषि कानूनों ने किसानों को बर्बाद कर दिया है. कैप्टन सरकार ने भी हमारा कर्ज माफ नहीं किया है. हम तंग आ गए हैं, अब जीना नहीं चाहते. इसलिए हम खुदकुशी कर रहे हैं.


इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, जगतार सिंह के पास 3 एकड़ जमीन थी. 1-1 एकड़ उसने अपने दोनों बेटों के नाम कर दी थी. अपने हिस्से की एक एकड़ जमीन का कुछ भाग उसने कुछ अर्सा पहले लोन चुकाने के लिए बेच दिया था. पिता-पुत्रों पर 6.50 लाख रुपए का कर्ज था. जगतार के बडे बेटे इंद्रजीत ने बताया कि वह अपने पिता से अलग होकर रह रहा था. उसका कहना है कि पिता व भाई की मौत के बाद उसे घर से एक नोटिस मिला था.



यह भी पढ़े : नए कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया तो सत्ता में रहना मुश्किल हो जाएगा



यह नोटिस उस्मान शहीद मल्टीपर्पज कॉपरेटिव सोसायटी का है. इसमें लिखा है कि कृपाल ने 1,67,365 लाख का लोन लिया था. वह 31 जुलाई 2018 से डिफॉल्टर हो चुका है. अगर उसने ब्याज समेत 2,05,418 रुपए नहीं चुकाए तो उसके मकान को नीलाम करने की बात पत्र में कही गई थी. इस लोन में गारंटर जगतार सिंह था. सोसायटी के पत्र में उसके खिलाफ भी कार्यवाही की बात की गई है. सोसायटी से सचिव अमृत सिंह का कहना है कि उन्हें ऐसे किसी नोटिस की जानकारी नहीं है. उनका कहना है कि लोन वेवर स्कीम के तहत उनकी फाइल पिछले साल अक्टूबर में क्लीयर की जा चुकी है.


बता दें कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान 26 नवंबर से आंदोलन कर रहे है. इस बीच किसानों के आत्महत्या करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. किसान आंदोलन में शामिल हुए 200 से ज्यादा लोगों की अब तक अलग-अलग वजहों से मौत हो चुकी है. इनमें से कुछ ने आत्महत्या कर ली तो कई किसानों की मौत हार्ट अटैक, ठंड लगने और हादसों की वजह से हो गई.

संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
बिहार में 102 फीसदी बढ़ा अपराध, दो लाख के करीब केस दर्ज
बाबा रामदेव को बड़ा झटका! महाराष्ट्र सरकार ने लगाई कोरोनी
मोदी और योगी सरकार दोनों किसान और नौजवान विरोधी
मैं एक धर्म के लोगों के लिए करता हूं काम
राकेश टिकैत का ऐलान कृषि कानूनों को रद करे सरकार, वर्ना अब
नीतीश कुमार की बढ़ी मुश्किले, मतदाता सूची में हेरफेर के आर
विश्व बैंक की रिपोर्ट : भारत में सड़क हादसों से 75 फीसदी गरीब
कोकीन मामले में कैलाश विजयवर्गीय का करीबी भाजपा नेता गिर
अनुसूचित क्षेत्रों में न किसी अदालत का फैसला चलेगा न राज
पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने के लिए इंडायरेक्ट टैक्स में कट
किसानों को मार रही सरकार
लॉकडाउन की वजह से भूख और कुपोषण में वृद्धि के बाद भी केंद्
गलत पेश की गई गैर वैज्ञानिक दवा को डब्ल्यूएचओ ने खारिज कर
नए कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया तो सत्ता में रहना मुश्क
किसान पिता-पुत्रों ने अपनी मौत का मोदी सरकार को ठहराया जि
पेट्रोल पंपों पर पोस्टर लगाकर पूछा- क्या यही हैं अच्छे दि
किसान आंदोलन ने उड़ाई योगी सरकार की निंद, बुलंदशहर महापंच
कोरोनिल को डब्ल्यूएचओ ने नहीं दी मंजूरी, बाबा रामदेव का द
किसानों को मनाने गये केंद्रीय राज्यमंत्री का भारी विरोध,
युवती से गैंगरेप के आरोपियों में बीजेपी का पदाधिकारी शाम
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper