×

ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वेक्षण को लेकर विपक्ष का मौन, सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने उठाए सवाल

Published On :    16 May 2022   By : MN Staff
साझा करें:

ओवैसी ने कहा कि संविधान मुसलमानों को उनकी संस्कृति और पहचान का पालन करने की अनुमति देता है और हम ऐसा घर और बाहर दोनों जगह करते रहेंगे. एआईएमआईएम के प्रमुख ने यहां ईद मिलाप कार्यक्रम में कहा, ‘कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी जैसे विपक्षी दल ज्ञानवापी मस्जिद के मुद्दे पर चुप क्यों हैं? वे कुछ नहीं कह रहे हैं, क्योंकि मुसलमान उनके वोट बैंक नहीं हैं.’



अहमदाबाद : वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वीडियो सर्वेक्षण पर कांग्रेस, सपा और बसपा सहित सभी विपक्षी दलों के मौन पर एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि ये दल इसलिए चुप हैं, क्योंकि मुसलमान उनके वोट बैंक नहीं हैं.


ओवैसी ने कहा कि संविधान मुसलमानों को उनकी संस्कृति और पहचान का पालन करने की अनुमति देता है और हम ऐसा घर और बाहर दोनों जगह करते रहेंगे. एआईएमआईएम के प्रमुख ने यहां ईद मिलाप कार्यक्रम में कहा, ‘कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी जैसे विपक्षी दल ज्ञानवापी मस्जिद के मुद्दे पर चुप क्यों हैं? वे कुछ नहीं कह रहे हैं, क्योंकि मुसलमान उनके वोट बैंक नहीं हैं.’


भाजपा, कांग्रेस, आप और समाजवादी पार्टी को ‘कट्टरपंथी दल’ करार देते हुए ओवैसी ने आरोप लगाया कि ये दल चाहते हैं कि मुसलमान घर पर ही मुसलमान रहें और बाहर होने पर उनकी संस्कृति को स्वीकार करें. हैदराबाद के सांसद ने कहा, ‘भारत का संविधान आपको अपनी संस्कृति, अपनी पहचान का पालन करने की अनुमति देता है. हम ऐसा घर और बाहर दोनों जगह करते रहेंगे.


ओवैसी ने कहा, ‘‘मैं यहां आपको और सरकार को भी बताने आया हूं कि हमने एक बाबरी मस्जिद खो दी है, लेकिन दूसरी मस्जिद नहीं खोएंगे. उन्होंने हमारी (बाबरी) मस्जिद को चालाकी से और न्याय की हत्या करके छीन लिया, लेकिन याद रखें, आप अब एक और मस्जिद को छीनने में सक्षम नहीं हो पाएंगे.’’ उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद एक मस्जिद रही है और रहेगी.


ओवैसी ने आरोप लगाया कि वे चुप हैं क्योंकि मुसलमान उनका वोट बैंक नहीं हैं. कांग्रेस ज्ञानवापी मस्जिद मामले के बारे में कुछ क्यों नहीं कह रही है? इसे कानून की खातिर इसके बारे में बोलना चाहिए. पार्टी ने आज अपनी चुप्पी तोड़ी क्योंकि नेताओं को पता था कि अगर वे लंबे समय तक चुप रहे तो वे मुश्किल में पड़ जाएंगे. कांग्रेस नेता हिजाब मुद्दे पर टिप्पणी करने से क्यों डरते हैं?


गौरतलब है कि कोर्ट के आदेश पर लगातार दूसरे दिन ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे कराया गया. कोर्ट की ओर से सर्वे के लिए एडवोकेट कमिश्नर की नियुक्ति की गई. उनके नेतृत्व में दो दिनों में करीब 80 फीसदी मस्जिद का सर्वे कराया जा चुका है. सोमवार को एक बार फिर मस्जिद का सर्वे होगा. लेकिन, इस मुद्दे ने अब तूल पकड़ लिया है. हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी वाराणसी कोर्ट के फैसले को ही गलत करार दिया है. ओवैसी ने कोर्ट के इस फैसले को मुस्लिम विरोधी हिंसा का रास्ता खोलने वाला बताया है. उन्होंने कहा इस आदेश से कोर्ट 1980-1990 की रथ यात्रा के हुए खून-खराबे और मुस्लिम विरोधी दंगों का रास्ता खोल रही है.


ओवैसी ने कहा कि वाराणसी कोर्ट का फैसला 1991 के प्लेसेज ऑफ वर्शिप स्पेशल प्रोविजन एक्ट के खिलाफ है. इस कानून के तहत साफ कहा गया है कि देश में सभी धार्मिक स्थलों की स्थिति वही बनाई रखी जाएगी जो 15 अगस्त 1947 को थी. उन्होंने इस एक्ट के आधार पर वाराणसी कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की सलाह ज्ञानवापी मस्जिद कमेटी को दी है. असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि बाबरी मस्जिद राम मंदिर टाइटल विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि 1991 का एक्ट संविधान के बेसिक स्ट्रक्चर का हिस्सा है. इसलिए मैं कहता हूं कि कोर्ट का फैसला गलत है.

संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
फडणवीस उप मुख्यमंत्री का पद स्वीकार करते हुए खुश नहीं दि
नीतीश राज में पहली बार 15 हजार करोड़ का राजकोष घाटा, 92 हजार कर
कोरोना महामारी में रेलवे यात्रियों को मिलने वाली छूट बंद
बेटे को उठा ले गई पुलिस, किराए के घर पर चला दिया बुलडोजर, हश
छुरा तो बीजेपी का है, चलाने वाले हैं शिंदे, बोले शिवसेना प
अडानी को प्रोजेक्ट देने के लिए पीएम मोदी के दबाव का दावाः
54 फीसदी भारतीयों को सोशल मीडिया पर है भरोसा, ऑक्सफोर्ड की
राज्यपाल कोश्यारी का बहुमत साबित करने का आदेश देने का फै
सरकारी नौकरियों के रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरे, ताकि यु
मोबाइल टॉर्च की रोशनी में बीए की परीक्षा देते दिखे छात्र,
18 जुलाई से लगेगी महंगाई की बुस्टर डोज, लेबल-युक्त गेहूं आट
क्यूएस रैंकिंग 2023ः छात्रों के रहने के लिए लंदन सर्वश्रेष
परमवीर चक्र विजेता बोले- सेना को बर्बाद कर देगी अग्निपथ य
गुजरात दंगों में नरेंद्र मोदी की भूमिका की जांच की मांग क
बीजेपी ऐसे भिखारियों का हाथ पकड़कर खुद को बता रही महाशक्त
कर्नाटक में पुजारियों ने मंदिर के नाम पर बनाई फर्जी वेबस
बिहार में भ्रष्ट अधिकारी पैसे की बजाए घूस में मांग रहे का
एफआईआर आधारित ख़बर पर मानहानि का मुक़दमा पत्रकार की आवाज़
गुजरात के गांधीधाम से 30 जून को शुरू होगा ‘गद्दारों से साव
गुवाहटी में विधायकों पर पानी की तरह बहाया जा रहा पैसा, बाढ़
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper