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एनआईए की छापेमारी के बाद कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे पीएफआई कार्यकर्ता

Published On :    23 Sep 2022   By : MN Staff
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एनआईए की अगुवाई में कई एजेंसियों ने बृहस्पतिवार को 11 राज्यों में एक साथ छापे मारे और देश में आतंकी फंडिंग के मामले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के 106 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया.



नई दिल्ली : एनआईए की अगुवाई में कई एजेंसियों ने बृहस्पतिवार को 11 राज्यों में एक साथ छापे मारे और देश में आतंकी फंडिंग के मामले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के 106 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया. लेकिन इन गिरफ्तारियों के बाद बवाल मचना शुरू हो गया. अब पीएफआई संगठन के कार्यकर्ताओं ने एनआईए के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं.


एनआईए ने दिल्ली के पीएफआई के अध्यक्ष परवेज और उनके भाई को गिरफ्तार भी कर लिया गया है. इसके अलावा पीएफआई के राष्ट्रीय सचिव वीपी नजरुद्दीन को भी हिरासत में लिया गया है. इसके खिलाफ पीएफआई के समर्थको ने देश भर में धरना प्रदर्शन भी कर रहे हैं. पीएफआई के एक सूत्र ने यहां बताया कि केरल के तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, कोट्टायम, एर्नाकुलम और त्रिशूर समेत लगभग सभी जिलों में एनआईए के इस छापेमारी के विरोध में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. केरल की पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया है. केरल से करीब 22 पीएफआई नेताओं को एनआईए ने गिरफ्तार किया है.


आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में भी इस छापेमारी के खिलाफ धरना प्रदर्शन देखने को मिला. पीएफआई समर्थकों ने ‘एनआईए गो बैक’ के नारे भी लगाए. पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को डिटेन भी किया है. एनआईए के अधिकारियों ने यहां से लगभग 5 पीएफआई के नेताओं को अपने हिरासत में लिया है. वहीं तमिलनाडु के डिंडीगुल, रामनाड, थेनी, थेनकासी जिले में भी पीएफआई के दफ्तरों पर एनआईए ने छापेमारी की है. जहां भारी मात्रा में पीएफआई समर्थक इस छापेमारी के खिलाफ धरना दे रहे हैं. करीब 10 से ज्यादा पीएफआई के नेताओं को एनआईए ने यहां से गिरफ्तार भी किया है.


राजस्थान में भी एनआईए की टीम ने जयपुर के मोती डूंगरी रोड पर पीएफआई दफ्तर पर सुबह तीन बजे रेड मारी. इस रेड में दो पीएफआई के कार्यकर्ता जावेद और एक अन्य से एनआईए की टीम ने की पूछताछ. इसके खिलाफ भी प्रदेश में पीएफआई समर्थकों के द्वारा धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. बता दें कि 4 घंटे से ज्यादा चली इस रेड में एनआईए की टीम ने 2 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.


पीएफआई ने एक बयान जारी कर कहा, ‘पीएफआई के राष्ट्रीय, राज्य स्तरीय और स्थानीय नेताओं के ठिकानों पर छापे मारे जा रहे हैं. राज्य समिति के कार्यालय की भी तलाशी ली जा रही है. हम फासीवादी शासन द्वारा असंतोष की आवाज को दबाने के लिए एजेंसियों का दुरुपयोग किए जाने का कड़ा विरोध करते हैं.’


पीएफआई एक इस्लामिक संगठन है. ये संगठन पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के हक में आवाज उठाता है. संगठन की स्थापना 2006 में नेशनल डेवलपमेंट फ्रंट के उत्तराधिकारी के रूप में हुई. संगठन की जड़े केरल के कालीकट में गहरी हैं. फिलहाल इसका मुख्यालय दिल्ली के शाहीन बाग में बताया जा रहा है. जहां पर सीएए और एनआरसी के विरोध में पूरे देश में 100 दिन तक सबसे लंबा आंदोलन चला था. कई ऐसे मौके ऐसे भी आए हैं जब इस संगठन से जुड़े लोग मुस्लिम आरक्षण के लिए सड़कों पर आए हैं.

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