×

बुलंदशहर तक दर्जन भर गायों के कंकाल घटना स्थल तक कैसे पहुँचे?

Published On :    6 Dec 2018   By : MN Staff
साझा करें:

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में पिछले तीन दिनों से कथित गोहत्या के बाद हुई हिंसा को लेकर तनाव बना हुआ है.



बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में पिछले तीन दिनों से कथित गोहत्या के बाद हुई हिंसा को लेकर तनाव बना हुआ है. हिंसा में एक पुलिस अफ़सर और एक स्थानीय व्यक्ति की हत्या हो चुकी है और कई लोग अभी भी गंभीर रूप से घायल हैं. 


इस सबके बीच सबसे बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि आख़िर एकाएक बुलंदशहर के एक छोटे से गॉंव में गायों के इतने कंकाल एक साथ कैसे पहुँचे? गॉंव में एक भयावह ख़ामोशी है क्योंकि आधे से ज़्यादा घर बंद पड़े हैं. लगभग सभी घरों के इर्द-गिर्द मवेशी दिखते हैं और भागीरथ नाम के एक व्यक्ति ने हमारे इस सवाल का जवाब दिया कि, क्या किसी की गायें कम हैं या लापता चल रही हैं.


बुलंदशहर के महाव गॉंव वाले कह रहे हैं कि गॉंव के जितने घरों में मवेशी हैं उनमें से किसी के भी मवेशी कम नहीं हुए हैं, फिर गांव में आधा दर्जन गायों के कंकाल रातों रात कहां से आ गये? उन्होंने कहा, यहॉं तो सभी के मवेशी हैं. मेरी समझ से किसी के भी मवेशी कम नहीं हैं. 


तो फिर रविवार की उस रात एकाएक क़रीब एक दर्जन गायों के कंकाल कहॉं से आए? ये पूछे जाने पर वो कहते हैं, सुना तो यही है कि गायों के झुंड को काट डाला गया था वहॉं. क्या पता गायें कहॉं की थीं. महाव में कोई भी व्यक्ति इस बारे में बात करने को तैयार नहीं. पिछले दो दिनों से पुलिस की दबिश जारी है, कई मुस्लिम परिवारों के घरों पर ताले लगे हैं और तमाम हिंदू भी फ़रार चल रहे हैं.


ऐसे में सवाल उठना लाज़मी है कि दर्जन भर कंकाल यहॉं कैसे पहुँचे. अगर कुछ स्थानीय लोगों की बात मानी जाए तो, रविवार रात महाव में गोकशी की बड़ी घटना हुई. लेकिन गॉंव के ठीक बग़ल में अगर रात को दर्जन भर पशुओं की हत्या हुई भी तो दो बड़े सवालों का जवाब किसी के पास नहीं. 


पहला ये कि दर्जन भर पशुओं को मारने के लिए कितने लोग पहुँचे और कहॉं से आए. फिर वे ग़ायब कैसे हो गए. दूसरा ये कि दर्जन भर पशुओं को मारते समय जो कोलाहल मचता है उसे रात के सन्नाटे में किसी गॉंव वाले ने क्यों नहीं सुना.ज़िले के एक आला प्रशासनिक अधिकारी ने नाम न लिए जाने की शर्त पर बताया, ये हमारी समझ के बाहर है कि कंकालों के मिलने के बाद इतने कम समय में सैकड़ों लोग जमा हो गए. 


राजमार्ग जाम करने के लिए ट्रैक्टर पहुँच गए और कुछ लोगों ने राजनीति भी शुरू कर दी. इस बात को भी ग़ौर करने की ज़रूरत है कि इलाक़े में पिछले छह महीने में कथित गोहत्या के कई मामले सामने आए हैं. स्याना, गुलावटी और क़रीब दो महीने पहले ख़ुर्जा में ऐसी अफ़वाहें फैली थीं कि बड़े स्तर पर गोकशी हुई है.


ख़ुर्जा पुलिस ने पॉंच लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा भी दर्ज किया था और उनके ऊपर पच्चीस हज़ार रुपए का इनाम भी घोषित हैबुलंदशहर में सोमवार को भड़की हिंसा के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने सबसे पहले जारी किया गए बयानों में साफ़ किया था कि इस घटना को मज़हबी रंग क़त्तई नहीं दिया जाना चाहिए. 


दरअसल लाखों मुसलमान 1-3 दिसंबर तक उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर में आयोजित ‘इज्तेमा’ में पहुँचे थे. इज्तेमा को ‘मुसलमानों का सत्संग’ कहा जा सकता है. इन आयोजनों में मुस्लिम धर्म गुरु मुसलमानों से अपनी बुनियादी शिक्षाओं की ओर लौटने का आह्वान करते हैं. 


तीन दिन के इस कार्यक्रम में ज़्यादातर सुन्नी मुसलमान शिरकत करते हैं.ग़ौर करने वाली एक आख़िरी और अहम बात ये भी है कि इस गॉंव तक जाने वाली, संकरी सी, एकमात्र पक्की सड़क चिंगरावठी थाने के ठीक बग़ल से ही जाती है. अब सवाल ये भी उठता है कि कहीं ये कंकाल इस स्थान पर प्लांट तो नहीं किए गए.
संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
एनआईए का झीरम घाटी हमले की जांच राज्य सरकार को सौंपने से इ
छत्तीसगढ़ सरकार राज्य सरकार रिजर्व बैंक से एक साल में चौथ
नोटबंदी से जुड़ी मौतों की कोई सूचना नहीं है-प्रधानमंत्री
भाजपा को लोकसभा में गठबंधन करना है, तो महाराष्ट्र में मुख
नासा ने मंगल पर अपॉर्च्युनिटी रोवर को मृत घोषित किया, 15 सा
कश्मीर में और कितना ख़ून खराबा ? पुलवामा में सीआरपीएफ पर
मध्यप्रदेश से हथियारों की दिल्ली में सप्लाई, 107 पिस्टल बर
प्रचार पर पानी की तरह बहाया पैसा केंद्र सरकार ने पांच साल
सुप्रीम कोर्ट में फिर खुला दाभोल में बिजलीघर भ्रष्टाचार
नौ साल में कितनों का फोन टैप किया, सरकार का जानकारी देने स
राजस्थान में अब तक स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या हु
रीयल एस्टेट सेक्टर को जीएसटी मुक्त करने की कवायद.
देश में न्यूनतम मजदूरी 375 रुपये प्रतिदिन करने का सुझाव
राष्ट्रीय कृषी परिषदेच्या नावाखाली भाजपाचा डान्सबाररा
उपराज्यपाल किरण बेदी के खिलाफ धरने पर बैठे मुख्यमंत्री न
घाटे से जूझ रही बीएसएनएल बन्द करने की तैयारी में सरकार.
संसद की पूर्व मंजूरी के बिना ही खर्च कर दिए 1,157 करोड़ रुपए
नागेश्वर राव अवमानना के दोषी, कार्यवाही पूरी होने तक कोर
धोखाधड़ी से बैंक खातों से पैसा निकालने के मामले बढ़े- सरकार
आदिवासी की हत्या मामले में नंदिनी सुंदर सहित अन्य आरोपिय
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper