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विपक्ष की मांग ठुकराने के बाद भी देरी से आएंगे नतीजे

Published On :    23 May 2019   By : MN Staff
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भले ही चुनाव आयोग ने विपक्ष की मांग खारिज कर दी हो लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करने के चलते नतीजे आने में पहले के मुकाबले कई घंटों की देरी हो सकती है.



नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने विपक्ष की मांग खारिज करते हुए मतदान की प्रक्रिया में किसी भी तरह की फेरबदल करने से साफ इनकार कर दिया है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करने के चलते नतीजे आने में पहले के मुकाबले कई घंटों की देरी हो सकती है. चुनाव आयोग अब पुरानी मतगणना प्रक्रिया का ही पालन करेगा.


बता दें कि भले ही विपक्ष की मांग खारिज कर दी गई हो लेकिन एक चरण से दूसरे चरण के नतीजे आने में अब भी देरी होगी. मिसाल के तौर पर हाल में हुए विधान सभा चुनावों की बात करे तो वहां से भी नतीजे आने में कुछ देर हुई थी. उसकी वजह ये है कि चुनाव आयोग का दिशानिर्देश पहले से मौजूद है. इन दिशा-निर्देशों के मुताबिक एक चरण की प्रक्रिया खत्म होने के बाद ही दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है.


पहले चरण की प्रक्रिया खत्म होने के बाद ही दूसरे चरण की गिनती शुरू की जा सकेगी. फिर अगले चरण की ओर इसी प्रक्रिया के तहत गिनती पूरी की जाएगी. एक चरण की प्रक्रिया पूरी होने का मतलब ये होता है कि मशीनों के आंकड़ें तो निकाले ही जाएंगे, उनका जोड़ करके सेंट्रल टेबल पर उन सभी लोगों के हस्ताक्षर करा लेने के बाद ही उस चरण की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी. हर चरण में इस प्रक्रिया को दोहराया जाएगा.


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अगर लोकसभा चुनाव 2019 की किसी भी विधानसभा चुनाव से से तुलना की जाए तो वहां मतगणना एक ही जगह होती है और वोटरों की संख्या अपेक्षाकृत काफी कम होती है. इसी के चलते कम संसाधन लगते हैं और लिहाजा वक्त भी कम लगता है. एक लोकसभा में कई विधानसभाएं होती हैं. लोकसभा की गिनती भी कई सभागारों में होती है. 


हर जगह से आकंड़ों को लाकर सेंट्रल टेबल पर उसे जोड़ा जाता है और तब जाकर उसे राउंड के हिसाब से जारी किया जाता है. प्रक्रिया काफी लंबी है तो इसमें वक्त भी अपेक्षाकृत ज्यादा लगता है. शुरुआती रुझान जल्द मिलेगा लेकिन बाद में होगी देर स्पष्ट है कि इस बार रुझान आने में भी देर होगी. हालांकि पहले राउंड का रुझान जल्दी आ जाएगा. 


अब सवाल रह जाता है कि वीवीपैट का नतीजों पर क्या असर पड़ेगा. तो इसका जवाब है कि वीवीपैट की गणना मतगणना खत्म होने के बाद होती है. यानी जब भी मतगणना खत्म होगी तभी वीवीपैट पर्चियों की गिनती शुरू होगी. ये भी अहम है कि पोस्टल बैलेट की गिनती सबसे पहले की जाएगी.


इस तरह से कहा जा सकता है कि वीवीपैट पर्चियों के कारण नतीजे आने में 4-5 घंटों की देर हो सकती है. हालांकि वीवीपैट का कोई असर रुझान पर नहीं पड़ेगा. हर चरण के बाद रुझान के नतीजे बताए जाएंगे. मतगणना में पहले की ही तरह हर चरण की गिनती के बाद नतीजों की घोषणा की जाएगी. वहां प्रत्याशियों के जो प्रतिनिधि होते हैं उन्हें भी डिटेल्स दिए जाते हैं. इस सारी प्रक्रिया को पहले की ही तरह रखा गया है.


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हर चरण की समाप्ति पर सारे डिटेल को मतगणना स्थल पर घोषित किया जाएगा. इसके अलावा चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी इसकी विधिवत सूचना रहेगी. साथ ही चुनाव आयोग इन नतीजों को वोटर हेल्पलाइन एप पर भी लाइव जारी करता रहेगा.


आयोग के फैसले के बाद केंद्रीय मानव संसाधन और विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने विपक्ष पर तंज कसा हैं. जावड़ेकर ने कहा कि ईवीएम पर सवाल उठाना विपक्ष का दिवालियापन है. अगर विपक्ष चुनाव जीतता है, तो उसके लिए ईवीएम अच्छा हो जाता है. अगर चुनाव हारता है, तो ईवीएम उनके लिए खराब हो जाता है. 

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