×

बजट 2017-18 की हकीकत

Published On :    22 Jul 2019   By : MN Staff
साझा करें:

राजस्थान में जमीनी स्तर पर लागू नहीं हो पाईं 2017-18 बजट की कई प्रमुख घोषणाएंः कैग



जयपुर :   राजस्थान में न तो 2017-18 का बजट जमीनी स्तर पर लागू हो सका और न ही केन्द्र द्वारा आम बजट 2019-20 की प्रमुख घोषणाएं ही दिखाई दे रही है. राजस्थान में सरकारों द्वारा बजट भाषणों में जोर शोर से की जाने वाली कई महत्वपूर्ण घोषणाएं जमीनी स्तर पर लागू नहीं हो पाई हैं. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने इस मुद्दे को उठाते हुए बजट घोषणाओं के बेहतर कार्यान्वयन व निगरानी सुनिश्चित करने के लिए कोई अच्छी व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया है.


कैग ने 31 मार्च 2018 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए राज्य वित्त पर अपनी रिपोर्ट में यह टिप्पणी की है. इस रिपोर्ट को इसी सप्ताह विधानसभा के पटल पर रखा गया. रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्च 2017 में तत्कालीन सरकार ने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए बजट पेश करते समय कई महत्वपूर्ण योजनाओं या पहलों की घोषणाएं की थी. लेकिन, लेखा परीक्षण में पाया गया कि इनमें से अनेक महत्वपूर्ण घोषणाओं पर या तो कोई काम नहीं हुआ या आंशिक ही कार्यान्वयन हुआ. कैग ने अपनी रिपोर्ट में जिन विभागों में बजटीय घोषणाओं के कार्यान्वयन में कमी पाई है उनमें वन, खनन, महिला एवं बाल विकास, महाविद्यालय शिक्षा एवं चिकित्सा शिक्षा शामिल है.



यह भी पढ़ें   :   हम नाली, शौचालय साफ कराने के लिए सांसद नहीं बने हैंः प्रज्ञा ठाकुर



कैग के अनुसार, सरकार ने उक्त बजट में राज्य में आठ महाविद्यालयों में 48 करोड़ रुपये की लागत से नए भवनों के निर्माण का प्रस्ताव किया गया था. लेकिन, लेखा परीक्षण में वास्तविक स्थिति कुछ और ही निकली. सारी राशि की वित्तीय स्वीकृति के बावजूद केवल तीन करोड़ रुपये खर्च किए गए और केवल तीन सरकारी महाविद्यालयों के भवनों का निर्माण कार्य शुरू हुआ. इसी तरह, जोधपुर के मेडिकल कॉलेज में दस करोड़ रुपये की लागत से कैथलैब मशीन खरीदी जानी थी. लेकिन, पूरा साल निकल गया और केवल मशीनरी खरीदने की निविदा प्रक्रिया ही शुरू की जा सकी.


कैग ने अन्य विभागों में भी बजट में घोषित परियोजनाओं एवं पहलों के कार्यान्वयन में ढिलाई को इस रिपोर्ट में रेखांकित किया है. जैसे खनन प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए कल्याणकारी गतिविधियों पर 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाने थे. लेकिन, वास्तव में केवल 119.18 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए. 


कैग ने कहा कि लोक लेखा समिति कई बार बजट भाषणों में शामिल कामों को समय पर पूरा करने की सिफारिश कर चुकी है. लेकिन, इस मामले में ढिलाई वित्त वर्ष (2017-18) में भी जारी रही. कैग ने बजटीय घोषणा का समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए बेहतर कार्यान्वयन एव निगरानी की कोई व्यवस्था बनाए जाने की जरूरत बताई है. यह तो साफ हो गया है कि राज्य सरकार ने सूबे की जनता को गुमराह किया है.  

संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
मायावती ने बीजेपी समर्थन में दिया बयान
प्रेम विवाह करने पर अनु.जाति के युवक की गोली मारकर हत्या
झूठ से उठ गया पर्दा, पकड़ी गयी बीजेपी सरकार भारतीय मिसाइल क
दिल्ली की अदालतों में पॉक्सो के 7,277 मामले लंबित
चुनाव आयोग से नीतीश को झटका
भगवान राम के वंशजों को ढूंढ रहा सुप्रीम कोर्ट
सतना से गिरफ्तार आईएसआई एजेंट पुलिस रिमांड पर
तमिलनाडु के बाद अब उत्तर प्रदेश में स्कूली बच्चों के साथ
निर्मला सीतारमण का नया फरमान पत्रकारों को दफ्तर में आने
बीबीसी का दावा- काश्मीर में सब कुछ ठीक नहीं!
बीएसएफ जवान और उसकी पत्नी को किया विदेशी घोषित
मूडीज ने घटाया भारत का जीडीपी ग्रोथ रेट
आईएएस गोपीनाथ का इस्तीफा, कहा, बोलने और सवाल करने की आजादी
योगी सरकार ने किए कर्मचारियों के कई भत्ते बंद
उद्धव ठाकरे का विवादित बयान जो सावरकर को न माने, उनकी सरे
आरटीआई डालने के बाद भी चुनाव आयोग की तरफ से नहीं दिया कोई
मोहन भागवत के हालिया आरक्षण बयान पर राजनीतिक मायने..
बांभन झूठा, वेद भी झूठा, झूठा ब्रह्म अकेला रे.....संत रविदास
सीवर में सफाई करने उतरे पांच मज़दूर की दम घुटने से मौत
ट्रिपल तलाक कानून पर सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार को जारी
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper