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बलात्कारी चिन्मयानंद को रेप केस में जमानत देने वाले जज का प्रमोशन

Published On :    14 Feb 2020   By : MN Staff
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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बुधवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश राहुल चतुर्वेदी को उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की.



इलाहाबाद : यह पहली बार नहीं हुआ है कि किसी बलात्कारियों और आतंकवादियां को जमानत देने या बेदाग रिहा करने वाले जजों, अफसरों को बड़ी पदवी दी गई है, बल्कि इसके पहले भी कईयों को बड़ा मंत्रालय सौंपा जा चुका है. अब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बुधवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश राहुल चतुर्वेदी को उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की. कॉलेजियम का यह फैसला तब आया है जब न्यायमूर्ति चतुर्वेदी ने बलात्कारी चिन्मयानंद को जमानत पर रिहा किया है.


सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर डाले गए कॉलेजियम के प्रस्ताव में किसी भी अवसर पर कोई कारण नहीं दिया है. इससे साबित होता है कि बलात्कारी चिन्मयानंद को जमानत देने के लिए ईनाम दिया गया है. इस बात का अंदाजा इस बयान से लगाया जा सकता है कि बयान में कहा गया है कि 12 फरवरी, 2020 को हुई बैठक में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उस उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश के रूप में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश राहुल चतुर्वेदी की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.


बता दें कि न्यायमूर्ति चतुर्वेदी ने पिछले सप्ताह सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता चिन्मयानंद को यूपी के शाहजहांपुर में एक लॉ कॉलेज की छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोप में जमानत दी थी. न्यायाधीश ने शिकायतकर्ता के आचरण को ‘आश्चर्यजनक’ बताया था और कहा था कि उसने फिरौती के लिए उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश की. 


उन्होंने अपने आदेश में कहा एक लड़की, जिसका कौमार्य दांव पर है, अपने ही माता-पिता या कथित घटना के संबंध में न्यायालय के समक्ष एक भी शब्द नहीं बोल रही है. एक आश्चर्यजनक आचरण है जो अभियोजन की कहानी की सरलता के बारे में बोलती है. इतना ही नहीं जेल से रिहा होने पर रेप के आरोपी बलात्कारी चिन्मयानंद का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया. यहां तक एनसीसी कैडेट ने सलामी भी दी थी.


गौरतलब है कि जस्टिस चतुर्वेदी को सितंबर 2017 में इलाहाबाद हाई कोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था. इसके अलावा उच्चतम न्यायालय ने नौ अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थाई न्यायाधीश नियुक्त करने के मद्रास उच्च न्यायालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. 



यह भी पढ़े : कागज पर ही रह गए सारे वादे



प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय कॉलेजियम ने बुधवार को न्यायमूर्ति पीटी आशा, न्यायमूर्ति एम निर्मल कुमार, न्यायमूर्ति सुब्रमणनियम प्रसाद, न्यायमूर्ति एन आनंद वेंकटेश, न्यायमूर्ति जी के इलांतीरैयन, न्यायमूर्ति कृष्णन रामासामी, न्यायमूर्ति सी सरवनन, न्यायमूर्ति बी पुगलेन्डी और न्यायमूर्ति संतिलकुमार राममूर्ति को स्थाई न्यायाधीश नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. इसके अलावा, कॉलेजियम ने न्यायिक अधिकारी आई जसवंतराय वोरा, गीता गोपी, डा.अशोककुमार सी जोशी और राजेन्द्र एम सरीन को पदोन्नति देकर गुजरात उच्च न्यायालय में न्यायाधीश नियुक्त करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया है.



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