×
भारत /

महामारी से जनता लड़े, सरकार चुनाव लड़ेगी

Published On :    31 Jul 2020   By : MN Staff
शेयर करें:


संकट काल में बिहार चुनाव के लिए हर तैयारी कर रहा चुनाव आयोग



नई दिल्ली : ‘‘महामारी से जनता लड़े, सरकार चुनाव लड़ेगी’’ पता नहीं अन्य देशों में ऐसा होता या नहीं, लेकिन भारत में बखूबी हो रहा है. जिस देश की सरकार संकट के दौर में चुनावी तैयारी कर रही हो उस देश की सरकार का जनता के प्रति क्या रवैया होगा इसका अंदाजा बिहार विधानसभा की चुनावी तैयारी देखकर ही लगाया जा सकता है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव समय पर कराने के लिए निर्वाचन आयोग हर स्तर पर तैयारी कर रहा है. 


उन्होंने वर्चुअल चुनाव प्रचार को समय की जरूरत बताया, लेकिन ऑनलाइन या मोबाइल के जरिए वोटिंग के विकल्प पर अभी सोचने की बात से इनकार किया. जबकि, बिहार में चुनाव कराने के लिए बीजेपी और नीतीश की पार्टी को छोड़कर लगभग सभी पार्टियाँ संकट के दौर में चुनाव कराने से सहमत नहीं हैं. इसके बाद भी चुनाव आयोग जिद पर अड़ा है.


बता दें कि जिस तरह से चुनाव आयोग संकट काल में चुनाव कराने की जिद कर रहा है ठीक ऐसा ही जिद ईवीएम मशीन को लेकर भी कर रहा है. चुनाव आयोग इस बात पर अड़ा है कि ईवीएम को हैक करना संभव नहीं है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ईवीएम के खिलाफ 8 अक्टूबर 2013 को फैसला देते हुए कहा कि, ईवीएम से ईमानदारी और निष्पक्ष रूप से चुनाव नहीं हो सकता है. 


इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम में वीवीपीएटी मशीन लगाने का चुनाव आयोग को आदेश दिया. यही नहीं ईवीएम के खिलाफ बामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बहुजन क्रांति मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक वामन मेश्राम सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग और ईवीएम के खिलाफ न केवल केस दायर किए हैं, बल्कि इसके खिलाफ धरना-प्रदर्शन से लेकर भारत भी बंद कर चुके हैं. साथ ही कश्मीर से कन्या कुमारी तक ईवीएम के खिलाफ 6 महीने तक ‘‘ईवीएम फंडाफोड़ परिवर्तन यात्रा’’ भी निकाल चुके हैं. ईवीएम में वीवीपीएटी मशीन लगाने का श्रेय केवल मात्र केवल वामन मेश्राम को जाता है.



यह भी पढ़े : पूर्व जजों समेत 131 हस्तियों ने किया प्रशांत भूषण के खिलाफ अवमानना कारवाई का विरोध



एक सवाल के जवाब में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा बिहार विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया 29.11.2020 तक पूरी करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग, बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और जिला स्तर पर आवश्यक तैयारियां चल रही हैं. 


वैश्विक महामारी के दौरान मतदाताओं और ड्यूटी पर तैनात मतदानकर्मियों की सुरक्षा के लिए निर्वाचन प्रक्रियाओं में जरूरी बदलाव किया जा रहा है, ताकि शारीरिक दूरी, सेनेटाइजेशन और मास्क/ग्लॅव्ज आदि की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके. उन्होंने कहा मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या अधिकतम एक हजार (मौजूदा 1500 की सीमा के मुकाबले) तक सीमित की जाएगी. इसके लिए अतिरिक्त मतदान केंद्र बनाए जाएंगे. बिहार के लिए 33797 अतिरिक्त मतदान केंद्र बनाए जा रहे हैं. इसी हिसाब से सुरक्षा बलों, मतदान उपकरणों, मशीनरी और मतदान कर्मियों की व्यवस्था की जाएगी.



यह भी पढ़े : लद्दाख में भारत के साथ लंबे टकराव की तैयारी में चीन!



अरोड़ा ने आगे कहा कि प्रचार में भी कोरोना से जुड़े सरकारी दिशा निर्देशों का पालन करना होगा और यह सुनिश्चित कराने की ज़िम्मेदारी राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और इससे संबंधित सभी पक्षों पर होगी. इसके साथ ही चुनाव से जुड़े काम के लिए फील्ड में तैनात या आगे तैनात किए जाने वाले अफसरों को कोविड-19 से संबंधित सावधानियों के बारे में जागरूक बनाया जा रहा है. इस संबंध में प्रशिक्षण और जरूरी उपलब्धता सुनिश्चित कराने की तैयारियाँ कुछ हफ्तों से चल रही हैं. 


उन्होंने कहा, कोविड-19 के मद्देनजर मतदाता दिशा निर्देशिका को भी अपडेट किया जा रहा है. इसमें कोरोना से जुड़े जरूरी दिशा निर्देशों को शामिल किया जाएगा. हर माध्यम से इन्हें मतदाताओं तक पहुंचाया जाएगा. लेकिन, आयोग ने महामारी को देखते हुए यह एक बार भी नहीं कहा कि इस समय चुनाव कराना ठीक नहीं है. इससे साबित होता है कि जनता महामारी से लड़े, सरकार चुनाव लड़ेगी.



PAY BACK TO THE SOCIETY NATIONWIDE AGITATION FUNDDonate Here



संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
महाराष्ट्र में मीडिया पर चला सरकारी डंडा
मरकज केस : नफरत फैलाने के आरोप पर केंद्र ने किया मीडिया का
दूसरों को मिर्ची लगाने वाले रामदेव को हाईकोर्ट से लगी मि
गरीबी के नाम पर गरीबों और बेरोजगारी के नाम पर बेरोजगारों
वरिष्ठ अधिकारियों के बंगले पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियो
सरकारी कर्मचारियों को बेरोजगार बनाने का सरकारी अभियान
चीन के साथ कांग्रेस-बीजेपी का पुराना याराना
कार्रवाई आधी-अधूरी...
रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट से ‘चीनी घुसपैठ’ संबंधी जानका
झूठे आरोपों की मानसिक प्रताड़ना के लिए कार्यकर्ताओं को मु
कोरोना ने तोड़ी मिडिल क्लास लोगों की आर्थिक कमर
एक तरफ बहिष्कार, दूसरी तरफ दोस्ताना
अहमदाबाद के कोविड हॉस्पिटल में भीषण आग, आईसीयू में भर्ती
मंदिर के जश्न में बजरंग दल का आतंक
धर्म के नाम पर देश में माहौल खराब करने की कोशिश
संविधान पीठ के पास पहुंचा आर्थिक कमजोर वर्ग के लिए नौकरी
कारोबारी घरानों को बैंकिंग लाइसेंस देने के लिए नीति आयोग
मंदिर जमींदोज कर फिर बनाएंगे मस्जिद : ऑल इंडिया इमाम असोस
भगोड़े विजय माल्या से जुड़े दस्तावेज सुप्रीम कोर्ट से गायब
कहां गई कोरोना इमरजेंसी पैकेज की पहली किश्त?
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper