×
भारत /

सुप्रीम कोर्ट ने ‘यूपीएससी जिहाद’ शो पर लगाई रोक, बताया काफी घातक

Published On :    16 Sep 2020   By : MN Staff
शेयर करें:


सुदर्शन चैनल के शो यूपीएससी जिहाद के प्रसारण पर सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए रोक लगाई की यह कार्यक्रम काफी घातक है. सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि हम चैनल को यह कहने की छूट नहीं दे सकते कि मुस्लिम सिविल सर्विसेज में घुसपैठ कर रहे हैं.



नई दिल्ली : सुदर्शन चैनल के शो यूपीएससी जिहाद के प्रसारण पर सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए रोक लगाई की यह कार्यक्रम काफी घातक है. सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि हम चैनल को यह कहने की छूट नहीं दे सकते कि मुस्लिम सिविल सर्विसेज में घुसपैठ कर रहे हैं. अब इस मामले में अगली सुनवाई तक चैनल इस तरह का शो नहीं कर सकेगा. बता दें कि केंद्र सरकार ने शो के प्रसारण को मंजूरी दे दी थी.


सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और केएम जोसेफ की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की और इस केस के साथ-साथ टीवी न्यूज चैनल की ओनरशिप और टीवी डिबेट की तरीके पर कई सारी सख्त टिप्पणियां की हैं.


सुदर्शन टीवी के यूपीएससी जिहाद शो पर बोलते हुए जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि ‘शो में एंकर की शिकायत ये है कि खास समुदाय के लोग सिविल सर्विस में आ रहे हैं. ये कितना घातक है? इस तरह के घातक आरोप  यूपीएससी परीक्षा पर भी लगे हैं. बिना किसी तथ्य के ये आरोप लगाए जा रहे हैं, इसे कैसे मंजूरी दी जा सकती है? क्या स्वतंत्र समाज में इस तरह के शो को मंजूरी दी जानी चाहिए?’


जस्टिस जोसेफ ने मीडिया की ओनरशिप को लेकर काफी अहम बात कही. उन्होंने कहा कि हमें विजुअल मीडिया के ओनरशिप को देखना चाहिए. कंपनी का पूरा शेयरहोल्डिंग पैटर्न जनता को पता होना चाहिए. कंपनी का रेवेन्यू मॉडल की भी जांच होनी चाहिए ताकि पता चल सके कि सरकार किस कंपनी में ज्यादा विज्ञापन दे रही है और किसमें कम. जस्टिस जोसेफ ने मीडिया के डिबेट के तरीके पर भी सख्ती से सवाल उठाए. जज ने कहा कि हमें टीवी डिबेट में एंकर की भूमिका को भी देखना चाहिए. डिबेट में एंकर बोलने के लिए कितना टाइम लेता है? वो बोलने वाले के ऑडियो को म्यूट कर देते हैं और सवाल पूछते हैं.



यह भी पढ़े : चीन ने लद्दाख में भारत की लगभग 38,000 वर्ग किमी भूमि पर किया कब्जा 



जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि सुदर्शन टीवी देश को नुकसान पहुंचा रहा है और ये स्वीकार नहीं कर रहा है कि भारत विविधता से मिलकर बना है. सुदर्शन न्यूज को अपनी स्वतंत्रता का सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए. जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट होने के नाते हम आपको ये कहने की मंजूरी नहीं दे सकते कि मुस्लिम सिविल सर्विस में घुसपैठ कर रहे हैं. आप ये नहीं कह सकते है कि पत्रकार के पास ये कहने की खुली छूट है.



यह भी पढ़े : देश पर पूंजीपतियों का कब्जा



इसके पहले यूपीएससी शो को केंद्र की हरी झंडी मिलने के बाद इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी. जिसके बाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. हाईकोर्ट ने शो के टेलीकास्ट पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. लेकिन अब साफ हो गया है कि सुदर्शन न्यूज अब अपना ये शो टीवी पर नहीं दिखा सकते हैं.



PAY BACK TO THE SOCIETY NATIONWIDE AGITATION FUNDDonate Here



संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
केंद्र सरकार ने गेहू के समर्थन मूल्य में बढ़ाए सिर्फ 50 रूप
हाईकोर्ट ने आसाराम पर लिखी किताब जारी करने पर लगी रोक हटा
फारूख अब्दुल्ला ने उठाई जम्मू-कश्मीर में फिर से अनुच्छेद
कांग्रेस-बीजेपी की सरकार में किसानों की दुर्दशा, कर्ज के
प्रधानमंत्री मोदी ने विदेश यात्राओं पर 517.82 करोड़ रुपये किए
अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार ज़्यादा पैसा खर
25 साल की अवधि में कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में 60 फीसदी क
सरकार फिर हुई बेनकाब!
3 साल से एक ही मामले में बगैर ट्रायल के 120 आदिवासी जेल में कै
कृषि विधेयक पर बढ़ता विरोध दबाने के लिए भाजपा नेताओं को नि
देश में शहरी गरिबों को आंकडा सरकार को नहीं पता, सरकार दिया
विदेशी लोग देश के ही मूलनिवासियों को घोषित कर रहे हैं विद
पिछले 10 वर्ष में सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई के दौरान 631
दिल्ली दंगा मामले में पुलिस पूछताछ में कपिल मिश्रा बोले
भाजपा के लिए प्रचार करती गोदी मीडिया
झारखंड हाईकोर्ट के एक फैसले से गई 8,423 शिक्षकों की नौकरी
कंगना रनौत ने किसानों को कहा आतंकी, भाजपा ने साध ली चुप्पी
कृषि बिल पर चाहते थे मत विभाजन, चिल्लाने पर भी उपसभापति ने
विदेशी कर्ज के जंजाल में फँसता भारत, देश पर 101.3 लाख करोड़ का
राष्ट्रीय आत्महत्या रोकथाम रणनीति के बिना ही चल रहा भारत
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper