×
भारत /

फेसबुक से उपयोगकर्ता की जानकारी मांगने वाले देशों में दूसरे स्थान पर भारत

Published On :    21 Nov 2020   By : MN Staff
शेयर करें:


पारदर्शिता रिपोर्ट से आया सामने



नई दिल्ली : अमेरिका के बाद भारत फेसबुक से जानकारी मांगने वाले देशों की सूची में दूसरे स्थान पर है. फेसबुक ने कहा है कि उसके उपयोगकर्ताओं के डाटा के संबंध में इस साल जनवरी से जून के बीच वैश्विक स्तर पर सरकारी अनुरोध 23 फीसदी बढ़ गए. इस अनुरोध के मामले में अमेरिका के बाद भारत का दूसरा नंबर है. 

फेसबुक की ताजा पारदर्शिता रिपोर्ट से यह बात सामने आई हैं. पारदर्शिता रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान भारत में 57,294 उपयोगकर्ताओं व अकाउंट के लिए कुल 35,560 अनुरोध किए गए. रिपोर्ट के अनुसार, 50 फीसदी मामलों में कुछ डाटा पेश किए गए.


वर्ष 2020 के पहले छह महीनों में उपयोगकर्ताओं के डाटा के लिए वैश्विक स्तर पर सरकारों के अनुरोध 23 फीसदी बढ़कर 1,73,875 हो गए. पिछले साल यानी 2019 की दूसरी छमाही में ऐसे अनुरोधों की संख्या 1,40,875 थी. इस सूची में अमेरिका और भारत के बाद जर्मनी, फ्रांस तथा ब्रिटेन का स्थान है. फेसबुक ने कहा कि वह लागू कानून और अपनी सेवा शर्तों के अनुसार सरकारी अनुरोधों का जवाब देती है. कंपनी ने कहा कि वह मिलने वाले हर अनुरोध की कानूनी पहलुओं के साथ सावधानीपूर्वक समीक्षा करती है.



यह भी पढ़े : इलेक्टोरल बॉन्ड से राजनैतिक दलों को मिला तीन साल में 6,493 करोड चंदा


फेसबुक उपाध्यक्ष क्रिस सोनडर्बी ने कहा, हम सरकारों को लोगों की जानकारी सीधी या परोक्ष मुहैया नहीं कराते. हमारा मानना है कि इस तरह से जानबूझ कर अपनी सेवाओं को कमजोर करने से हमारे उपयोगकर्ताओं की आवश्यक सुरक्षा प्रभावित होगी. फेसबुक ने कहा कि समीक्षाधीन अवधि के दौरान, स्थानीय कानून के आधार पर सामग्री प्रतिबंधित किए जाने के मामले 40 फीसद बढ़ कर 22,120 हो गए हैं जो पहले 15,826 थे. भारत में इस अवधि में 824 सामग्री को प्रतिबंधित किया गया.



फेसबुक ने पहली बार अपने मंच पर मौजूद नफरत भरे भाषणों का खुलासा करते हुए कहा कि उस पर डाली गई सामग्री में से तीसरी तिमाही में करीब 10 हजार सामग्री के विश्लेषण में 10 से 11 नफरत भरे भाषण थे. दुनिया भर में रोजाना 182 करोड़ लोग फेसबुक का इस्तेमाल करते हैं. भारत इसका सबसे बड़ा बाजार है, जहां हाल ही में नफरत भरे भाषणों से निपटने के इसके तरीकों को लेकर काफी विवाद खड़ा हो गया था.



यह भी पढ़े : सुब्रत रॉय पर फिर लटकी गिरफ्तारी की तलवार


सितंबर 2020 तिमाही की अपनी ‘कम्युनिटी स्टैंडर्ड इंफोर्समेंट रिपोर्ट’ में फेसबुक ने कहा कि ‘वह पहली बार’ दुनिया भर में उसके मंच पर मौजूद नफरत भरे भाषणों की जानकारी साझा कर रहा है. उसने कहा, 2020 की तीसरी तिमाही में 0.10 या 0.11 फीसदी नफरत भरे भाषण थे, कहा जा सकता है कि करीब 10 हजार सामग्री के विश्लेषण में 10 से 11 फीसदी नफरत भरे भाषण थे. फेसबुक ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता में अपने निवेश के कारण, कंपनी नफरत भरे भाषण हटाने में अधिक सक्षम हुई है और उपयोगकर्ताओं द्वारा इसकी रिपोर्ट करने से पहले इसे हटाया गया है.


PAY BACK TO THE SOCIETY NATIONWIDE AGITATION FUNDDonate Here



संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
लव जिहाद मामले में जबरन केस दर्ज कर मुस्लिम युवक को किया ग
न्यूनतम मज़दूरी मामले में वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति
सजायाफ्ता नेताओं पर आजीवन चुनाव लड़ने पर रोक ना लगाए
जो केंद्र के कृषि कानून का समर्थन कर रहे, वे खुद बेच रहे मि
सरकार ने ठुकराई नए कृषि कानूनों को रद्द करने की किसान संग
झारखंड में 20 सालों बाद महज 20 हजार आदिवासियों को वन पट्टा द
विधानपरिषद चुनाव में भाजपा को बड़ा झटका, मिली सिर्फ 1 सीट
अपने हक- अधिकार बचाने के लिए बामसेफ संगठन को साथ- सहयोग कर
हरियाणा में खट्टर सरकार पर मंडराने लगे संकट के बादल
डाबर, पतंजलि, बैद्यनाथ, झंडू बाम कर रही शहद में चीनी की मिल
निजी सुरक्षा एजेंसियों पर भी लागू होते हैं ईपीएफ के प्रा
अचानक नहीं हुई थी गलवान में खूनी झड़प, चीन ने साज़िश रच दिया
केंद्र किसानों की समस्या हल करें, वरना उन्हें महाराष्ट्र
भाजपा को वोट नहीं देने पर मंत्री के रिश्तेदार ने की पिटाई
किसानों के समर्थन में उतरे पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार व
केंद्र सरकार ने योगेंद्र यादव को कर दिया किसानों की वार्
मर रहा है देश का किसान कहाँ छुपा है भारत का प्रधान
किसानों ने कृषि मंत्री को धरनास्थल पर जलेबी, चाय-पकौड़े का
सरकार ने कभी नहीं कहा पूरे देश को मिलेगी कोरोना वैक्सीन :
किसान आंदोलन में गोदी मीडिया का हो रहा बहिष्कार
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper