×
भारत /

मेक इन इंडिया या मेक इन चंबल...?

Published On :    12 Jul 2018   By : MN Staff
शेयर करें:


जहां कभी बनते थे डाकुओं के लिए कट्टे, अब वहीं तैयार हो रही है सेना के लिए मॉडर्न राइफल...



नई दिल्ली: आज देश में मेक इन इंडिया का प्रोडक्ट तैयार होने लगा है, जिसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जहां पहले डाकुओं के लिए कट्टे और खतरनाक हथियार बनाए जाते थे वहां अब डाकूओं और सेना के लिए भी राइफल बनाने का काम शुरू हो गया है। 


लेकिन एक सवाल है कि चंबल में तैयार हो रहे सेनाओं के लिए राइफल को क्या नाम दिया जायेगा, मेक इन इंडिया या मेक इन चंबल? वास्तव में यह मेक इन इंडिया की भारी सफलता ही है। मजेदार बात तो यह है कि इसी मेक इन इंडिया हब के लिए सरकार बेचैन थी।


गौरतलब है कि चंबल का नाम लेते आपको इससे जुड़ी कई नकरात्मक बातें याद आती होंगी जिन्हें बॉलीवुड की कई फिल्मों में दिखाया गया है, लेकिन इसी चंबल में देश की पहली प्राइवेट आर्म्स फैक्ट्री है और यह फैक्ट्री इंडियन आर्मी के लिए जरूरी हथियार राइफल का निर्माण करने जा रही है। 


एक रिपोर्ट के मुताबिक जहां इंडियन आर्मी विदेशों में इंसास राइफल्स का बेहतर विकल्प खोजने में लगी है तो वहीं चंबल के करीब स्थित फैक्ट्री सेना के लिए देसी राइफलों के निर्माण में लगी है। जी हां, सेना के पास जल्द ही ऐसी राइफल होगी जो मेड इन चंबल होगी।


मध्य प्रदेश के ग्वालियर के पास मलानपुर में पुंज लॉयड और इजरायलद वेपंस इंडस्ट्रीज (आईडब्लूआई) के ज्वाइन्ट वेंचर के तहत छोटे हथियारों के निर्माण के लिए एक फैक्ट्री लगाई गई है। इस फैक्ट्री का नाम पुंज लॉयड रक्षा सिस्टम है। 


आने वाले दो हफ्तों में इसी फैक्ट्री से टैवोर ग्95 कार्बाइन की पहली खेप सेना को भेजी जाएगी। टैवोर एक ऐसी राइफल होती है जिसका बैरल छोटा होता है और इसकी मैगजीन पीछे की तरफ होती है जहां से इसे पकड़ा जाता है। 


दिलचस्प बात है कि जिस समय इस राइफल की पहली खेप सामने आएगी, उसी समय नौ ऑफिसर्स वाली इंडियन आर्मी की एक टीम इंसास राइफलों के रिप्लेसमेंट के लिए अमेरिका से ऑस्ट्रेलिया तक सफर कर रही होगी।


सेना के लिए पश्चिम बंगाल के हुगली के तट पर स्थित ईशपुर में इंसास राइफलों का निर्माण होता है। 20वीं सदी के शुरुआत से ही इन राइफलों का निर्माण यहां पर होगा। पिछले हफ्ते से इंसास राइफलों की जगह बेहतर राइफल की तलाश की जा रही है। 


इसके लिए नौ ऑफिसर वाली एक टीम इजरायल के अलावा अमेरिका और फिर ऑस्ट्रेलिया जाएगी। इसके अलावा टीम को यूएई और साउथ कोरिया भी भेजा जाएगा। साल 1999 में कारगिल की जंग के बाद से ही सेना को इंसास की जगह बेहतर राइफलों की तलाश है। 


कारगिल युद्ध के समय कई सैनिकों ने इंसास के जाम होने, इसके वजन और कई और खामियों के बारे में बताया था। ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) और डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) की ओर से इसमें सुधार के दावों के बाद भी सेना इन राइफलों से संतुष्ट नहीं हो पाई। सेना ने ओएफबी की ओर से हाल ही में तैयार की गई एक्सकैलिबर नाम राइफल को भी खारिज कर दिया।


PAY BACK TO THE SOCIETY NATIONWIDE AGITATION FUNDDonate Here



संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
मोहन भागवत ने कांग्रेस की तारीफ की, कहा- संघ के लिए कोई परा
तमिलनाडु : पेट्रोल महंगाई पर बीजेपी अध्यक्ष से सवाल किए ज
देहरादून : बोर्डिंग स्कूल में छात्रा से गैंगरेप, 1 माह तक छ
यूपी : बिना परीक्षा दिए ही सहायक अध्यापक के लिए चयनित हुए 16
तीन सरकरी बैंक; बैंक आफ बड़ौदा,देना बैंक और विजया बैंक का
भाजपा सांसद ने कार्यकर्ता से धुलवाया पैर, पीने दिया वह पा
संयुक्त राष्ट्र संघ के मानव विकास सूचक अंक में भारत 130वें
गुरुग्राम : ब्राह्मण संगठनों की पंचायत में फैसला- मुस्लि
तमिलनाडु में फिर तोड़ी ब्रह्मंवादियों ने पेरियार की मूर्
यूपी में राशन घोटाला : आधार कार्ड नंबर बदल करोड़ों रुपये क
प्रकाश अंबेडकर और ओवैसी का 2019 लोकसभा चुनाव के लिए होगा गठब
फिर हुई मॉब लिंचिग! एमबीए के मुस्लिम छात्र को भीड़ ने मार
लगातार बढ़ रही तेल की कीमतें, मुंबई में पेट्रोल 90 के करीब
तेलंगाना में ऑनर किलिंग : अंतरजातिय शादी करने पर एससी लड़क
भूटान से सोने की तस्करी के आरोप में सैन्य अधिकारी समेत 5 ग
फिर गरजे वामन मेश्राम, कहा देश में जानवरों और हिजड़ों की गि
कांग्रेस काल में नियमों के विरुद्ध जाकर संसदीय समिति‍ सद
एससी-एसटी एक्ट के विरोध में ब्राह्मणों ने लिखी राष्ट्रपत
देश फिर शर्मसार! भोपाल के शेल्टर होम में दिव्यांग बच्चों
नहीं संभाल पाए महंगाई का बोझ पांच बेटियों के पिता ने की आत
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper