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उजागर हुआ कांग्रेस-बीजेपी का गंदा चरित्र

Published On :    15 May 2019   By : MN Staff
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ऑक्सफोर्ड स्टडी का दावा, भ्रामक खबरें फैलाने में बीजेपी, कांग्रेस सबसे आगे



नई दिल्ली :  कांग्रेस और बीजेपी अपने षड्यंत्र को लेकर आज एक बार फिर से दुनिया के सामने नंगी हो चुकी हैं. हर चुनाव के दौरान कांग्रेस और बीजेपी भ्रामक खबरें फैलाने से बाज नहीं आती हैं. इस बात का खुलासा तो तब हुआ जब ऑक्सफोर्ड ने सर्वे किया. 


हालांकि, इस बात का खुलासा कई बार हो चुका है. लेकिन, अब एक बार फिर यह बात सामने आ चुकी है. भ्रामक खबरें फैलाने को लेकर ऑक्सफोर्ड स्टडी ने साफ शब्दों में दावा किया है कि ‘विभाजनकारी और षड्यंत्रकारी’ खबरें फैलाने में कांग्रेस, बीजेपी सबसे आगे हैं.


गौरतलब है कि भाजपा और कांग्रेस द्वारा सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों को लेकर ऑक्सफोर्ड  यूनिवर्सिटी ने एक स्टडी पेश की है. इसमें बताया गया है कि भाजपा और कांग्रेस ज्यादा भ्रामक खबरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करती हैं. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का दावा है कि भाजपा-कांग्रेस सोशल मीडिया (फेसबुक और वॉट्सएप) पर बराबर जंक न्यूज (भ्रामक खबरें) शेयर करते हैं. 



वहीं, अन्य पार्टियाँ इस मामले में बीजेपी और कांग्रेस से कोसों दूर हैं. स्टडी के मुताबिक, वॉट्सएप पर शेयर की गई बीजेपी की एक तिहाई खबरें ‘विभाजनकारी और षड्यंत्रकारी’ थीं. वहीं, कांग्रेस की एक चौथाई और अन्य पार्टियों की कुल खबरों का 10वाँ हिस्सा भ्रामक था.


बताते चलें कि यह स्टडी 14 फरवरी से 10 अप्रैल 2019 के बीच हुई है. इस रिसर्च में फेसबुक के 130 पब्लिक पेज से 27 हजार पोस्ट और 200 पब्लिक वॉट्सऐप ग्रुप का डेटा शामिल किया गया. स्टडी के मुताबिक, वॉट्सऐप पर आने वाली बीजेपी की सभी खबरों में 35 प्रतिशत ‘विभाजनकारी और षड्यंत्रकारी’, 18 प्रतिशत ‘अभियान और समर्थन’, 10.5 प्रतिशत ‘राष्ट्रवाद और सेना का समर्थन’, 3.5 प्रतिशत ‘धर्म’, 3.5 प्रतिशत ‘तंज’ शामिल हैं. 


वहीं, कांग्रेस की 30 प्रतिशत खबरें ‘अभियान और समर्थन’, 28.5 प्रतिशत ‘विभाजनकारी और षड्यंत्रकारी’ और 9 प्रतिशत खबरों में ‘तंज’ कसा जाता है. हालांकि कुल खबरों में से सपा-बसपा 20.5 प्रतिशत ‘अभियान और समर्थन’, 11.5 प्रतिशत ‘विभाजनकारी और षड्यंत्रकारी’, 7.5 प्रतिशत ‘राष्ट्रवाद और सेना के लिए समर्थन’ वाला कंटेंट शेयर करते हैं.


स्टडी में बताया गया है कि फेसबुक लिंक्स में बीजेपी के 40 प्रतिशत लिंक्स प्रोफेशनल थे. वहीं, 28 प्रतिशत जंक न्यूज थे. जबकि, कांग्रेस के एक तिहाई लिंक्स प्रोफेशनल थे और 21 प्रतिशत जंक थे. सपा-बसपा के 60 प्रतिशत से अधिक प्रोफेशनल थे, जबकि एक प्रतिशत जंक मिले. इसके अलावा फेसबुक इमेज कैटेगरी में बीजेपी की दो-तिहाई फोटोज ‘अभियान और समर्थन’ करने वाली थीं तो वहीं, 12 प्रतिशत से अधिक जंक थीं. उधर, कांग्रेस ने लगभग 52 प्रतिशत ‘अभियान और समर्थन’ और 14 प्रतिशत जंक फोटो पोस्ट की थीं. 


ऑक्सफोर्ड इंटरनेट इंस्टिट्यूट रिसर्चर विद्या नारायण ने बताया, अगर भ्रामक खबरों की बात करें तो भारत अमेरिका और पश्चिमी यूरोप के बीच फिट बैठता है. जंक न्यूज के रेश्यो के बारे में कहा अमेरिका में हर भ्रामक खबर के लिए एक प्रोफेशनल पोस्ट किया जाता है. विद्या नारायण ने बताया कि रिसर्चर्स ने ‘जंक न्यूज’ शब्द का इस्तेमाल खबरों के प्रोफेशनलिज्म, स्टाइल, विश्वसनीयता, पक्षपात और नकल के अनुपात पर किया है. 


जंक न्यूज के स्रोत जानबूझकर भ्रामक, गलत जानकारी प्रकाशित करते हैं. यानी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के स्टडी से साफ हो चुका है कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों पार्टियाँ ‘विभाजनकारी और षड्यंत्रकारी’ खबरें फैलाकर देश की जनता को न केवल गुमराह कर रही हैं, बल्कि अपनी राजनीतिक फसल काटने के लिए उनको विभाजित भी कर रही हैं



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