×
भारत /

कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार रिपोर्ट को भारत ने किया खारिज

Published On :    9 Jul 2019   By : MN Staff
शेयर करें:


भारत सरकार ने सोमवार को इस रिपोर्ट को कश्मीर पर ‘पहले जैसे ही झूठे और अभिप्रेरित बयान का जारी रहना’ करार दिया.



नई दिल्ली :   भारत ने जम्मू एवं कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र के एक निकाय की उस मानवाधिकार रिपोर्ट को खारिज कर दिया है जिसमें दावा किया गया है कि राज्य में मई 2018 से जितने नागरिक मारे गए हैं, वह संख्या पिछले एक दशक में सर्वाधिक हो सकती है. भारत सरकार ने सोमवार को इस रिपोर्ट को कश्मीर पर ‘पहले जैसे ही झूठे और अभिप्रेरित बयान का जारी रहना’ करार दिया. 

जम्मू एवं कश्मीर मामले पर आफिस आफ द हाई कमीशन फॉर ह्यूमन राइट्स (ओएचसीएचआर) की अपडेट रिपोर्ट सोमवार को जारी की गई. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एक बयान में कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र निकाय के यह दावे भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन हैं. यह सीमापार आतंकवाद के मुद्दे की अनदेखी भी करते हैं.’

मंत्रालय ने अद्यतन रिपोर्ट को ‘दुनिया के सबसे बड़े और सर्वाधिक गतिशील लोकतंत्र की कृत्रिम तुलना एक ऐसे देश से करने का अवास्तविक प्रयास करार दिया जो खुलकर राज्य प्रायोजित आतंकवाद का पालन करता है.’ मंत्रालय प्रवक्ता ने इस बात पर भी ‘गंभीर चिंता जताई कि यह रिपोर्ट ऐसा लगता है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अवस्थिति के बिलकुल उलट आतंकवाद को एक वैधता प्रदान करती दिखती है.’


यह भी पढ़ें :   राज्यपाल विधायकों की खरीद-फरोख्त को दे रहे बढ़ावा



उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद ने फरवरी 2019 में पुलवामा में हुए कायराना आतंकी हमले की निंदा की थी और बाद में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के स्वघोषित नेता मसूद अजहर को निषिद्ध घोषित किया था. लेकिन, इस अपडेट में संयुक्त राष्ट्र द्वारा करार दिए गए आतंकी नेताओं और संगठनों को जान बूझकर ‘सशस्त्र समूहों’ के रूप में बताकर इन्हें कम आंका गया है.

प्रवक्ता ने कहा, ‘यह भारतीय राज्य जम्मू एवं कश्मीर में स्वतंत्र न्यायपालिका, मानवाधिकार संस्थाओं और अन्य संबंधित व्यवस्थाओं को पहचानने में विफल रही है जो भारतीय नागरिकों के संविधान प्रदत्त मूल अधिकारों की सुरक्षा करते हैं. ऐसा करना पूरी तरह से निंदनीय है.’

संयुक्त राष्ट्र ओएचसीएचआर रिपोर्ट के अनुसार, ‘कश्मीर में तनाव, जो पुलवामा आत्मघाती हमले के बाद से बहुत बढ़ गया है, नागरिकों के मानवाधिकार, जिसमें उनके जीवन का अधिकार भी शामिल है, पर लगातार बेहद घातक प्रभाव डाल रहा है.’

स्थानीय नागरिक समूहों से एकत्रित डेटा के आधार पर रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘2018 में करीब 160 नागरिक मारे गए जिसके बारे में विश्वास किया जा रहा है कि मरने वालों की यह संख्या बीते एक दशक में सर्वाधिक है.’ संस्था ने यह भी कहा है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागरिकों की कम मौतों की जानकारी दी है. मंत्रालय के अनुसार 2 दिसंबर 2018 तक के ग्यारह महीने के दौरान कुल 37 नागरिक,238 आतंकवादी और 86 सुरक्षाकर्मी मारे गए.


PAY BACK TO THE SOCIETY NATIONWIDE AGITATION FUNDDonate Here



संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
मोदी राज में अधिकार के बदले बरस रही लाठियाँ
बीएचयू के संस्कृत प्रोफेसर फिरोज खान हुए भूमिगत
आरबीआई की मनाही के बावजूद मोदी सरकार ने इलोक्टोरल बॉन्ड
सिख दंगे के दस्तावेज चाट गये दीमक
केंद्र सरकार ने माना नोटबंदी के बाद दो साल में बढ़ी बेरोजग
आईटी सेक्टर में काम करने वालों के लिए बुरी खबर
गंगा को जहरीली बना रहीं टेनरियाँ, उत्तर प्रदेश सरकार को फ
युपी में नाम और रंग बदलने वाली सरकार काम कब करेगी
व्यापारी बाबा रामदेव की पोल खोल
आसाराम और रामरहीम का बाप निकला बाबा रामदेव
फातिमा लतीफ को न्याय दिलाने के लिए छात्रों की भूख हड़ताल
एक नंबर का गधा रामदेव बाबा
असम में एनआरसी का मकसद धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बन
रामदेव ने किया अनु.जातिं सह पेरियार के अनुयायियों का अवम
पीने के पानी को लेकर अलर्ट
अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक और झटका
पाँच अगस्त से कश्मीर के हालात ज्यादा खराब
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में खुलासा
बीजेपी खुद को खुदा न समझें
चुनाव आयोग का अड़ियल रवैया
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper