×
भारत /

संघी सरकार का एक और खतरनाक कदम

Published On :    13 Aug 2019   By : MN Staff
शेयर करें:


27000 सैनिकों की छंटनी कर सकती है इंडियन आर्मी : रिपोर्ट



नई दिल्ली :    केन्द्र की संघी सरकार ने बीते पाँच सालों में ताबड़तोड़ सरकारी कर्मचारियों को कभी उनके 50 साल के उम्र का हवाला देकर उनको जबरन रिटायर किया तो कभी कई सरकारी विभागों का विलय कर कर्मचारियों को नौकरी से बेदखल किया तो कभी सरकारी कंपनियों को बंद कर लाखों कर्मचारियों को बेरोजगार बना दिया. 


अब दूसरी बार भी सत्ता कब्जा करने वाली संघी सरकार फिर वहीं खतरनाक कदम उठाने से बाज नहीं आ रही है. संघी सरकार अब इंडियन आर्मी से 27,000 सैनिकों को यह कहकर उनको बाहर का रास्ता दिखाने जा रही है कि सैनिकों पर 80 प्रतिशत से ज्यादा का बजट सैलरी और दिन-प्रतिदिन के खर्चे पूरे करने में ही इस्तेमाल हो जाता है. 


जिसके कारण सेना के आधुनिकीकरण के लिए बजट कम हो जाता है. रिपोर्ट के अनुसार, 27,000 सैनिकों को नौकरी से निकाले के बाद सेना को करीब 1600 करोड़ रुपए की बचत होगी.


गौरतलब है कि इंडियन आर्मी अपने 27,000 सैनिकों की छंटनी करने की पूरी योजना बना चुकी है. बताया जा रहा है कि जिन सैनिकों की छंटनी की जा सकती है, वह आर्मी की रेगुलर फील्ड फॉर्मेशन और यूनिट का हिस्सा नहीं है और सिर्फ संगठन के स्तर पर काम करते हैं. द टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया है.


हैरान कर देने वाली बात यह है कि आर्मी में इस वक्त साढ़े बाहर लाख सैनिक और अधिकारी कार्यरत हैं. जबकि, कभी इसी आर्मी में तकरीबन 16 लाख सैनिक कार्यरत थे. मगर, सरकार धीरे-धीरे सभी कर्मचारियों की छंटनी कर सैनिकों की संख्या बेहद कम करते जा रही है. 


इसके पीछे सरकार बता रही है कि कोशिश की जा रही है कि सेना को मजबूत, मारक और प्रभावशाली बनाने के लिए इसके साइज में कुछ कटौती की जायेगी, ताकि सेना के बजट का ज्यादा हिस्सा उसे आधुनिक बनाने पर खर्च किया जा सके. इस रिपोर्ट के अनुसार, अभी सेना का 80 प्रतिशत से ज्यादा का बजट सैलरी और दिन-प्रतिदिन के खर्चे पूरे करने में ही इस्तेमाल हो जाता है और सेना के आधुनिकीकरण के लिए काफी कम बजट बचता है.


बता दें कि सेना की संगठन यूनिटों जैसे मिलिट्री इंजीनियर सर्विस, नेशनल कैडेट कोर्प्स, बोर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन, टेरीटोरियल आर्मी और सैनिक स्कूल के साथ ही सेना के ऑपरेशन के लिहाज से महत्वपूर्ण असम राइफल्स, राष्ट्रीय राइफल्स और स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड में करीब 1,75,000 सैनिक काम करते हैं. 


ये सैनिक सेना की सामान्य स्टैंडिंग आर्मी का हिस्सा नहीं है और अन्य नॉन कोर एक्टिविटीज से जुड़े हैं. सेना इन्हीं यूनिटों से फिलहाल 27,000 सैनिकों की छंटनी करने पर विचार कर रही है. रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि सेना आने वाले 6-7 सालों में अपने कार्यबल में 1.5 लाख सैनिकों की छंटनी करने की योजना बना रही है. बताया जा रहा है कि इससे सेना को हर साल 6000-7000 करोड़ रुपए की बचत होगी.


कुल मिलाकर सरकार की मंशा ही ठीक नहीं है. असल में सरकार की मंशा यह है कि भारतीय सैनिकों को हटाकर देश में जो 27 हजार विदेशी कंपनियों के सैनिक आ रहे हैं उन्हें रखा जाय और देश को विदेशी ताकतों के हवाले कर दिया जाय. इसी मंशा को लेकर संघी सरकार भारतीय सैनिकों को बारह का रास्ता दिखा रही है.



PAY BACK TO THE SOCIETY NATIONWIDE AGITATION FUNDDonate Here



संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
मायावती ने बीजेपी समर्थन में दिया बयान
प्रेम विवाह करने पर अनु.जाति के युवक की गोली मारकर हत्या
झूठ से उठ गया पर्दा, पकड़ी गयी बीजेपी सरकार भारतीय मिसाइल क
दिल्ली की अदालतों में पॉक्सो के 7,277 मामले लंबित
चुनाव आयोग से नीतीश को झटका
भगवान राम के वंशजों को ढूंढ रहा सुप्रीम कोर्ट
सतना से गिरफ्तार आईएसआई एजेंट पुलिस रिमांड पर
तमिलनाडु के बाद अब उत्तर प्रदेश में स्कूली बच्चों के साथ
निर्मला सीतारमण का नया फरमान पत्रकारों को दफ्तर में आने
बीबीसी का दावा- काश्मीर में सब कुछ ठीक नहीं!
बीएसएफ जवान और उसकी पत्नी को किया विदेशी घोषित
मूडीज ने घटाया भारत का जीडीपी ग्रोथ रेट
आईएएस गोपीनाथ का इस्तीफा, कहा, बोलने और सवाल करने की आजादी
योगी सरकार ने किए कर्मचारियों के कई भत्ते बंद
उद्धव ठाकरे का विवादित बयान जो सावरकर को न माने, उनकी सरे
आरटीआई डालने के बाद भी चुनाव आयोग की तरफ से नहीं दिया कोई
मोहन भागवत के हालिया आरक्षण बयान पर राजनीतिक मायने..
बांभन झूठा, वेद भी झूठा, झूठा ब्रह्म अकेला रे.....संत रविदास
सीवर में सफाई करने उतरे पांच मज़दूर की दम घुटने से मौत
ट्रिपल तलाक कानून पर सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार को जारी
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper