×
भारत /

मंदी में आरटीआई का एक और खुलासा

Published On :    9 Sep 2019   By : MN Staff
शेयर करें:


18 सरकारी बैंकों को लगी 31,898.63 करोड़ की चपत धोखाधड़ी का सबसे बड़ा शिकार भारतीय स्टेट बैंक



नई दिल्ली :   एक तरफ जहाँ केन्द्र की मनुवादी सरकार मंदी की मार से विपक्षियों के निशाने पर आ गयी है तो वहीं दूसरी तरफ आरटीआई ने एक और खुलासा करके सरकार को बड़ी मुसिबत में डाल दिया है. 


आरटीआई ने खुलासे में दावा किया है कि पहली तिमाही में धोखाधड़ी से देश के 18 बड़े सरकारी बैंकों को 31,898.63 करोड़ की भारी चपत लगी है. 


इस धोखधड़ी में भारतीय स्टेट बैंक सबसे ज्यादा धोखाधड़ी का शिकार बना है. दावा किया गया है कि तकरीबन 38 प्रतिशत धनराशि से जुड़े मामले केवल एसबीआई की ओर से जाहिर किये गये हैं.


सूचना के अधिकार (आरटीआई) से खुलासा हुआ है कि मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के 18 बैंकों में कुल 31,898.63 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 2,480 मामले सामने आये हैं. 


देश का शीर्ष बैंक भारतीय स्टेट बैंक इस अवधि में धोखाधड़ी का सबसे बड़ा शिकार बना है. क्योंकि, इसमें से करीब 38 प्रतिशत धनराशि से जुड़े मामले केवल इसी बैंक की ओर से जाहिर किये गये हैं. 


मध्य प्रदेश के नीमच निवासी आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने रविवार को बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक के एक अधिकारी ने उन्हें यह जानकारी दी है.


आरटीआई के तहत गौड़ को भेजे गये जवाब से पता चलता है कि 30 जून को समाप्त पहली तिमाही में एसबीआई में धोखाधड़ी के 1,197 मामलों का पता चला जो कुल 12,012.77 करोड़ रुपये की राशि से संबंधित थे. 



यह भी पढ़िए :  नोटबंदी की वजह से आर्थिक मंदी ने दी दस्तक : आरबीआई का इशारा



इस अवधि के दौरान बैंकिंग छल की जद में आयी सर्वाधिक धनराशि के पैमाने पर इलाहाबाद बैंक दूसरे स्थान पर रहा. इलाहाबाद बैंक में कुल 2,855.46 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 381 मामले सामने आये. वहीं पंजाब नेशनल बैंक कुल 2,526.55 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 99 मामलों के साथ इस सूची में तीसरे पायदान पर रहा. 


बहरहाल, आरबीआई की ओर से आरटीआई के तहत मुहैया करायी गयी जानकारी में बैंकिंग धोखाधड़ी की प्रकृति और इस छल के शिकार बैंक या उसके ग्राहकों को हुए नुकसान का विशिष्ट ब्योरा नहीं दिया गया है.


आरटीआई अर्जी में गौड़ के एक सवाल पर आरबीआई ने कहा कि उसके पास इसके आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं कि आलोच्य अवधि में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में धोखाधड़ी के मामलों में कुल कितनी राशि का नुकसान हुआ. 


इसी तरह से मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंक ऑफ बड़ौदा में 2,297.05 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 75 मामले, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में 2,133.08 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 45 मामले, केनरा बैंक में 2,035.81 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 69 मामले, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 1,982.27 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 194 मामले और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया में 1,196.19 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 31 मामले सामने आये हैं.



यह भी पढ़िए : असम के बाद अब महाराष्ट्र में लागू होगा एनआरसी


जबकि, आलोच्य अवधि में कॉरपोरेशन बैंक में 16 मामलों में 960.80 करोड़ रुपये, इंडियन ओवरसीज बैंक में 46 मामलों में 934.67 करोड़ रुपये, सिंडिकेट बैंक में 54 मामलों में 795.75 करोड़ रुपये, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 51 मामलों में 753.37 करोड़ रुपये, बैंक ऑफ इंडिया में 42 मामलों में 517.20 करोड़ रुपये, यूको बैंक में 34 मामलों में 470.74 करोड़ रुपये, बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 85 मामलों में 253.43 करोड़ रुपये, आंध्रा बैंक में धोखाधड़ी के 23 मामलों में 136.27 करोड़ रुपये, इंडियन बैंक में 37 मामलों में 37.17 करोड़ रुपये और पंजाब एंड सिंध बैंक में धोखाधड़ी के सिर्फ एक मामले में 2.2 लाख रुपये की धनराशि धोखाधड़ी की चपेट में आयी है. इससे साबित होता है कि मोदी सरकार जानबूझकर सरकारी बैंकों को चूना लगा रही है ताकि इन बैंकों को प्राइवेट कपंनियों को बेंचा जा सके.


PAY BACK TO THE SOCIETY NATIONWIDE AGITATION FUNDDonate Here



संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
बिसलेरी का पानी गुणवत्ता जांच में हुआ फेल, लगा एक महीने का
अनाज सड़ने की खबर दिखाना पड़ा महंगा, पत्रकार पर हुआ मुकदमा द
अनाथ बच्चों को घुमाने गए आश्रम संचालक की बच्चा चोर समझ कर
योगी आदित्यनाथ बोले-जरूरत पड़ी तो युपी में भी लागू करेंगे
कर्नाटक के मंत्री का विवादित बयान
ब्राह्मणवाद के खिलाफ़ असली पेरियार
पाकिस्तानी एयरस्पेस बंद होने से एअर इंडिया को भारी नुकसा
कश्मीर में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए प्रयास करें, स
जौनपुर और अवध से पिछड़ा लखनऊ विश्वविद्यालय
‘मेरी जिंदगी तो बर्बाद कर दी, लेकिन मेरी वजह से किसी और छा
मीडिया की अवाज दबाने की कोशिश
अखिलेश यादव बोले- सत्ता में आने पर वापस लेंगे आजम खान के ख
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में लिंचिंग का दहशत
कड़े विरोध के बावजुद बनाए गए 106 राष्ट्रीय जलमार्ग
आरक्षित वर्ग के प्रतिनिधित्व पर अनारक्षित वर्ग का कब्जा
सत्ता पक्ष राजनीतिक लाभ लेने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ झ
नमाज पढ़कर लौट रहे मुस्लिम युवक पर जानलेवा हमला, आरोपी फरा
कश्मीरी बच्चों की स्कूल वापसी में मदद करें
न्यायपालिका पर केन्द्र की नकेल
हेलमेट नहीं लगाने पर युवक की पुलिस द्वारा बुरी तरह पिटाई
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper