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देश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था

Published On :    2 Aug 2020   By : MN Staff
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संकट के बीच भी कई राज्यों तक नहीं पहुंचे केंद्र द्वारा आवंटित वेंटिलेटर्स



नई दिल्ली : एक तरफ केन्द्र सरकार वेंटिलेटर्स देने का दावा कर रही है तो दूसरी तरफ आंकड़े बता रहे हैं कि संकट के बीच भी कई राज्यों में वेंटिलेटर्स नहीं पहुंच सका है. द वायर द्वारा सूचना का अधिकार कानून के तहत प्राप्त किए गए दस्तावेज से पता चलता है कि केंद्र के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों तथा केंद्रीय स्वास्थ्य संस्थानों के लिए 17,938 वेंटिलेटर का आवंटन किया था. 


लेकिन इसमें से 10 जुलाई 2020 तक में कुल 9,150 वेंटिलेटर दिए गए हैं, जो कुल आवंटन का करीब 50 फीसदी ही है. आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा 3,575 वेंटिलेटर महाराष्ट्र को आवंटित किए गए हैं, जिसमें से सिर्फ 1,805 वेंटिलेटर ही राज्य को दिया गया है. वहीं दूसरे नंबर पर कर्नाटक है, जिसे केंद्र की ओर से 1,650 वेंटिलेटर आवंटित किए गए. इसमें से अब तक 630 वेंटिलेटर (38 फीसदी) ही राज्य को दिए गए हैं. वहीं भाजपा शासित राज्य गुजरात को कुल 1,504 वेंटिलेटर आवंटित किए गए थे, जिसमें से 1,494 वेंटिलेटर पहुंच चुके हैं.

अगर कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान की बात करें तो स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 1,225 वेंटिलेटर आवंटित किए गए थे. इसमें से अभी तक सिर्फ 519 वेंटिलेटर ही राज्य सरकार को मिले हैं. इसके अलावा तेलंगाना को 1,220 में से 888, उत्तर प्रदेश को 992 वेंटिलेटर में से 181 वेंटिलेटर, ही अभी तक दिए गए हैं जो आवंटन के मुकाबले मात्र 18 फीसदी ही है. 



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इस मामले में मध्य प्रदेश की भी स्थिति काफी खराब है. मध्य प्रदेश को 679 वेंटिलेटर आवंटित किए हैं, लेकिन इसमें से अभी तक सिर्फ 79 वेंटिलेटर ही राज्य में पहुँचाए गए हैं. वहीं बिहार को केंद्र सरकार की ओर से 464 वेंटिलेटर आवंटित किए गए, जिनमें से अभी तक 114 वेंटिलेटर, झारखंड को 385 वेंटिलेटर में से 185, तमिलनाडु को 640 वेंटिलेटर में से सिर्फ 111 वेंटिलेटर ही राज्य में पहुँचाए गए हैं.

अगर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की बात करें तो 525 वेंटिलेटर आवंटित किए गए थे जिसमें से 471 वेंटिलेटर दे दिए गए हैं. इसी तरह केरल को 480 वेंटिलेटर दिए जाने थे जिसमें से 107 वेंटिलेटर ही दिए गए हैं. यही नहीं नए केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को 130 वेंटिलेटर में से एक भी वेंटिलेटर प्रदेश में नहीं भेजा गया है. जबकि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के लिए 354 वेंटिलेटर में से 154, एक अन्य केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप को पांच और सिक्किम को 10 वेंटिलर दिए जाने थे, जिसमें से एक भी वेंटिलेटर नहीं भेजा गया है. ऐसे में सवाल उठता है कि केंद्र सरकार किस तरह तेजी से बढ़ते इन मामलों को संभाल पाएगी?



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पीएम केयर्स फंड वाले भी वेंटिलेटर नहीं पहुंच रहे
भारत सरकार ने विवादित पीएम केयर्स फंड के जरिये भी 50,000 वेंटिलेटर राज्यों को देने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए फंड से 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. हालांकि हकीकत ये है कि जून महीने के आखिर तक में लक्ष्य की तुलना में सिर्फ छह फीसदी ही वेंटिलेटर्स बनाए जा सके थे. बीते 23 जून को जारी एक बयान में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा था कि पीएम केयर्स फंड के तहत आवंटित कुल 50,000 स्वदेशी वेंटिलेटर्स में से अब तक 2,923 वेंटिलेटर यानी करीब छह प्रतिशत का ही उत्पादन हुआ है, जिनमें से 1,340 वेंटिलेटर्स को पहले ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को डिलीवर किए जा चुके हैं. 


इसमें से 30,000 वेंटिलेटर्स भारत इलेक्ट्रानिक लिमिटेड द्वारा बनाए जा रहे हैं. बाकी के 20,000 वेंटिलेटर्स एजीवीए हेल्थकेयर्स (10,000), एएमटीजेड बेसिक (5,650), एएमटीजेड हाई एंड (4,000) और अलाइड मेडिकल (350) द्वारा बनाए जा रहे हैं. इस लेकर आरोप भी लगे हैं कि एजीवीए हेल्थकेयर्स द्वारा बनाए जा रहे वेंटिलेटर्स की गुणवत्ता अच्छी नहीं है.
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