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पश्चिम बंगाल में भाजपा को झटके, टीएमसी में जाने लगे कार्यकर्ता, घूम-घूम मांग रहे सार्वजनिक माफी

Published On :    13 Jun 2021   By : MN Staff
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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी के बागियों का भाजपा से मोहभंग होने लगा है. चुनाव के बाद टीएमसी से भाजपा ज्वॉइन करने वाले कार्यकर्ताओं में घरवापसी की होड़ लगी हुई है. इस बीच बीजेपी के कई कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर माफी मांग रहे हैं.



कोलकाता : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी के बागियों का भाजपा से मोहभंग होने लगा है. चुनाव के बाद टीएमसी से भाजपा ज्वॉइन करने वाले कार्यकर्ताओं में घरवापसी की होड़ लगी हुई है. इस बीच बीजेपी के कई कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर माफी मांग रहे हैं. वे ई-रिक्शा पर घूम-घूमकर लाउडस्पीकर के जरिए बीजेपी को फ्रॉड पार्टी बताते हुए जनता से माफी मांग रहे है.


बीरभूम जिला में लाभपुर, बोलपुर और सैंथिया से लेकर हुगली जिले के धनियाकली तक में भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस तरह सार्वजनिक माफीमाना मांगा. बोलपुर वॉर्ड संख्या 18 में सार्वजनिक माफी के ऐलान के दौरान कहा गया, बीजेपी ने समझा-बुझाकर किसी तरह मनाया था. पर वह फ्रॉड पार्टी है. हमारे पास ममता बनर्जी के अलावा और कोई विकल्प नहीं है और हम उनके विकास कार्यक्रम का हिस्सा बनने लगते हैं.


मुकुल मंडल नाम के एक बीजेपी कार्यकर्ता ने बताया, मैंने भाजपा को गलत समझा. हम टीएमसी में जाना चाहते हैं. सैंथिया में तो बीजेपी के 300 कार्यकर्ता शपथ लेने के बाद टीएमसी में वापस लौट गए. इनमें से एक पूर्व बीजेपी युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष तपस साहा भी हैं. उन्होंने बताया, हम बीजेपी में गलती से चले गए. हम ममता के विकास कार्यों का समर्थन करने के लिए आज ही तृणमूल ज्वाइन कर रहे हैं. मैं बीजेपी में कुछ नहीं कर सकता हूं. पर मैं तृणमूल में विकास कार्य में हिस्सा लेने के लिए जा रहा हूं.


धनियाखली में टीएमसी नेताओं से अपने अड़ियल और खराब बर्ताव के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने के बाद कई बीजेपी कार्यकर्ताओं को नई पारी शुरू करने की मंजूरी दी गई. वहीं, हुगली में बीजेपी नेताओं ने दावा किया कि उनके कार्यकर्ताओं को टीएमसी ज्वाइन करने के लिए दबाव बनाया गया है.



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बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद पाला बदलने की राजनीति शुरू हो गई है. चार साल पहले टीएमसी छोड़कर बीजेपी में गए मुकुल रॉय ने ममता बनर्जी, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी और पार्टी के कई बड़े नेताओं की मौजूदगी में तृणमूल कांग्रेस में वापसी कर ली. उनके साथ उनके बेटे शुभ्रांशु ने भी टीएमसी ज्वाइन की. इसके एक दिन बाद ही उन्होंने केंद्रीय सुरक्षा वापस करने को लेकर गृह मंत्रालय को चिट्ठी भेज दी है. बताया जा रहा है कि बीजेपी में शुवेंदु अधिकारी का कद बढ़ने से वह नाराज थे और इसलिए टीएमसी में लौटने का फैसला किया.


बीजेपी छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में वापसी करने वाले मुकुल रॉय केंद्रीय बलों की सुरक्षा छोड़ने का फैसला किया है. मुकुल रॉय ने गृह मंत्रालय को चिट्ठी लिखकर कहा है कि उन्हें दी गई केंद्रीय सुरक्षा वापस ले ली जाए. टीएमसी में शामिल होने के बाद मुकुल रॉय ने कहा कि बंगाल आज फिर अपनी जगह पर लौटा है. बंगाल ममता बनर्जी का है और रहेगा. उन्होंने कहा कि मैं बीजेपी में नहीं रह पा रहा था, अभी बंगाल में जो स्थिति है, उस स्थिति में कोई बीजेपी में नहीं रहेगा.



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चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल होने वाले हावड़ा जिला के डोमजूर विधानसभा सीट के पूर्व विधायक और बंगाल के पूर्व मंत्री राजीव बनर्जी ने शनिवार को तृणमूल नेता और पार्टी के मसचिव कुणाल घोष के घर जाकर उनसे मुलाकात की. राजीव की इस मुलाकात के बाद उनके भाजपा छोड़कर ममता बनर्जी की शरण में जाने की चर्चा तेज हो गयी. इसके अलावा चुनाव से पहले जितने लोग तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे, वे सभी अब वापस तृणमूल कांग्रेस में लौटना चाहते हैं. इनमें पूर्व विधायक सोनाली गुहा और दीपेंदु विश्वास हैं. कुछ अन्य नेताओं ने भी कथित तौर पर घर वापसी की पार्टी नेतृत्व को संदेश भेजे हैं.

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