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वित्त वर्ष 2021-22 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 9.5þ रहेगी, आईएमएफ का अनुमान

Published On :    28 Jul 2021   By : MN Staff
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अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2021-22 के लिये भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 9.5 फीसदी कर दिया. वैश्विक संस्थान ने कोरोना महामारी की दूसरी लहर का अर्थव्यवस्था पर पड़े असर को देखते हुए यह यह अनुमान लगाया है.



नई दिल्ली : अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2021-22 के लिये भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 9.5 फीसदी कर दिया. वैश्विक संस्थान ने कोरोना महामारी की दूसरी लहर का अर्थव्यवस्था पर पड़े असर को देखते हुए यह यह अनुमान लगाया है. चालू वित्त वर्ष के लिये यह ताजा अनुमान अप्रैल में जताये गये 12.5 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान से कम है. आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिये आर्थिक वृद्धि दर 8.5 फीसदी रहने की संभावना जताई है जो अप्रैल के 6.9 प्रतिशत वृद्धि के अनुमान से ज्यादा है.


मुद्राकोष ने ताजा विश्व आर्थिक परिदृश्य में कहा, इस साल मार्च-मई के दौरान कोविड महामारी की दूसरी गंभीर लहर को देखते हुए भारत में वृद्धि की संभावना को कम किया गया है. इससे सुधार की गति भी धीमी पड़ने की आशंका है. भारत की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे तीव्र गिरावट के दौर से बाहर निकल रही है और 31 मार्च, 2021 को समाप्त वित्त वर्ष में इसमें 7.3 प्रतिशत की गिरावट आयी.


आईएमएफ के अलावा कई अन्य वैश्विक और घरेलू एजेंसियों ने चालू वित्त वर्ष के लिये आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाया है. पिछले महीने एस एंड पी ग्लोबल रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 9.5 फीसदी और 2022-23 में 7.8 फीसदी रहने का अनुमान जताया था. वहीं विश्वबैंक ने चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर 8.3 फीसदी जबकि एशियाई विकस बैंक ने पिछले महीने 11 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया.



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मुद्रा कोष ने कुल मिलाकर वैश्विक अर्थव्यवस्था में 2021 में 6 फीसदी और 2022 में 4.9 फीसदी वृद्धि का अनुमान जताया है. साल 2021 के लिये नया आर्थिक वृद्धि अनुमान अप्रैल 2021 के विश्व आर्थिक परिदृश्य में जताये गये अनुमान के समान है. हालांकि इसमें कुछ संशोधन किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है, वैश्विक अर्थव्यवस्था में पुनरूद्धार जारी है, लेकिन विकसित देशों और कई उभरते तथा विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के बीच अंतर बढ़ रहा है.


मुद्राकोष की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने रिपोर्ट के साथ जारी अपने ब्लॉग पोस्ट में लिखा है, वर्ष 2021 के लिये हमारा ताजा वैश्विक वृद्धि अनुमान पिछले परिदृश्य के समान है. लेकिन संरचना में बदलाव है.


उन्होंने कहा कि आईएमएफ का अनुमान है कि महामारी ने विकसित अर्थव्यवस्थाओं में प्रति व्यक्ति आय में महामारी पूर्व प्रवृत्तियों की तुलना में 2020-2022 की अवधि के दौरान 2.8 फीसदी की कमी की है. वहीं उभरते बाजार और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए सालाना प्रति व्यक्ति आय में 6.3 फीसदी के नुकसान का अनुमान है.

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