×

हरियाणा की खट्टर सरकार ने दी सरकारी कर्मियो को संघ की शाखाओं में भाग लेने की अनुमति

Published On :    12 Oct 2021   By : MN Staff
साझा करें:

आरएसएस की पॉलिटिकल विंग कहे जाने वाली भाजपा अक्सर संघ पर मेहरबानी दिखाती आई है. केंद्र में भाजपा की सत्ता आने के बाद कई अहम पदों पर संघ समर्थक कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की गई है.



चंडीगढ़ : आरएसएस की पॉलिटिकल विंग कहे जाने वाली भाजपा अक्सर संघ पर मेहरबानी दिखाती आई है. केंद्र में भाजपा की सत्ता आने के बाद कई अहम पदों पर संघ समर्थक कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की गई है. अब हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने एक पूराने नियम में बदलाव कर सरकार कर्मचारियों को संघ की गतिविधियों में भाग लेने की इजाजत दी है. सरकार के नए आदेश के मुताबिक सरकारी कर्मी संघ की गतिविधियों में हिस्सा ले सकते हैं.


हरियाणा सरकार ने सोमवार को साल 1967 और 1980 के दो आदेश वापस ले लिए. दसअसल हरियाणा में अप्रैल 1980 से सरकारी कर्मचारियों के आरएसएस की गतिविधियों में शामिल होने पर प्रतिबंध लगा हुआ था. सुप्रीम कोर्ट का हवाला देकर यह तत्कालीन सरकार ने फैसला लिया लिया था. अभी तक हरियाणा में आरएसएस की गतिविधियों में भाग लेने पर सरकारी कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का प्रावधान था. हालांकि 1980 के बाद बीजेपी हरियाणा की सरकारों में बतौर सहयोगी सत्ता में रही, लेकिन प्रतिबंध को को हटाने के लिए कोई खास मुहिम नहीं चलाई गई.


खट्टर के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि हरियाणा सिविल सेवा (सरकारी कर्मचारी आचरण) नियम 2016, के प्रभाव में आने के साथ ही, सरकार की तरफ से 1980 और 1967 में दिए गए आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है. सोमवार को सरकार की तरफ से लिए गए इस फैसले के बाद हरियाणा सरकार के कर्मचारी अब आरएसएस की गतिविधियों में हिस्सा ले सकते हैं.



यह भी पढ़े : कोई हमारे मुल्क की गोली से मरे वो ठीक, लेकिन मिलिटेंट की गोली से मरे तो गलत, केंद्र पर महबूबा मुफ्ती का हमला


सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को चेताया है कि राजनीतिक गतिविधियों में उनकी संलिप्तता व सक्रियता स्वीकार्य नहीं है। वे राजनीति में सक्रिय किसी संगठन के साथ नहीं जुड़ सकते, न ही घर पर किसी दल, संगठन या मार्चे का झंडा लगा सकेंगे जो राजनीति कर रहा हो। इसके साथ ही न तो किसी दल व संगठन को चंदा दे सकेंगे। ऐसे मामलों में संलिप्तता पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।



1967 को तत्कालीन हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को आरएसएस की गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रतिबंधित कर दिया था. पंजाब सरकारी कर्मचारी (आचार) नियमावली, 1966 (तब हरियाणा पर भी लागू) के नियम 5 (1) के तहत आरएसएस को राजनीतिक संगठन माना गया था. इसकी गतिविधियों में भाग लेने पर सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे. 


1970 को एक अन्य सरकारी आदेश में कार्रवाई करने पर रोक लगा दी गई, चूंकि मामला सुप्रीम कोर्ट में भी लंबित था. इसके बाद 2 अप्रैल 1980 को अन्य सरकारी पत्र में स्पष्ट किया गया कि मामला लंबित होने के बावजूद हरियाणा में आरएसएस की गतिविधियों में भाग लेने पर सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है. अब इस आदेश को हरियाणा की भाजपा सरकार ने वापस लेकर सरकारी कर्मियों को संघ की गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति दे दी है.
संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
किसानों की बता नहीं सुनी गई तो यह केंद्र सरकार दोबारा नही
दिल्ली की सत्ता में बैठी पार्टी के लिए कॉन्ट्रैक्ट किलर
गांधी से सलाह लेने से पहले ही वीडी सावरकर दो बार अंग्रेजो
उत्तराखंड में चीन की घुसपैठ पर प्रधानमंत्री मोदी खामोश क
चंद्रशेखर आझाद बोले- हमने बहुजन समाज को सत्ता में लाने का
बुखार से एक दिन में बालिका सहित 10 की मौत, अस्पतालों में बेड
विधानसभा चुनावों में पांच में से एक भी राज्य नहीं जीत पाए
सपा-बसपा के बाद अब बीजेपी भी यूपी में आयोजित करने लगी जाति
एक महीने में 15 लाख बढ़े नौकरी ढूढ़ने वाले, उत्तर प्रदेश में 497
दो दशकों में हिंदुओं की तुलना में मुस्लिमों की वृद्धि दर
जबरन धर्म परिवर्तन का पता लगाने के लिए चर्चों के सर्वेक्
लोगों को कुचलना और उनकी आवाज को दबाना ही भाजपा का एजेंडा,
पेयजल की स्थिति चिंताजनक, 13 लाख से अधिक नमूनों में से 1.11 ला
25 से 29 दिसंबर के बीच बामसेफ एवं राष्ट्रीय मूलनिवासी संघ का
पंजाब के किसानों को परेशान ना करे मोदी सरकार- इंदिरा की हत
योगी सरकार पर बरसे जयंत चौधरी, बोले- सत्ता में आने पर हर कि
ढाई महीने की बची है भाजपा सरकार, पूर्व मंत्री अताउर रहमान
उपचुनाव के लिए तेजस्वी ने मुंगेर में डाला डेरा, तारापुर म
पांच साल बाद भी जांच एजेंसियां नहीं लगा पाई सुराग, नजीब को
महंगाई ने निकाला जनता का दम, फिर बढ़े पेट्रोल और डीजल के दा
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper