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फेसबुक की खतरनाक आतंकवादी संगठनों की सीक्रेट ब्लैकलिस्ट लीक, भारत में सनातन संस्था सहित 10 संगठन शामिल

Published On :    16 Oct 2021   By : MN Staff
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फेसबुक ने चरमपंथी या आतंकी एक्टिविटी करने वाले लोगों और संगठन की ब्लैक लिस्ट तैयार की थी. ये लिस्ट फेसबुक ने अब तक सीक्रेट तरीके से अपने पास रखी थी, लेकिन अमेरिका की न्यूज वेबसाइट इंटरसेप्टर ने इस लिस्ट को लीक कर दिया है.



नई दिल्ली : फेसबुक ने चरमपंथी या आतंकी एक्टिविटी करने वाले लोगों और संगठन की ब्लैक लिस्ट तैयार की थी. ये लिस्ट फेसबुक ने अब तक सीक्रेट तरीके से अपने पास रखी थी, लेकिन अमेरिका की न्यूज वेबसाइट इंटरसेप्टर ने इस लिस्ट को लीक कर दिया है. 


इसमें दुनियाभर के 4 हजार से ज्यादा संगठन और इंडिविजुअल्स के नाम शामिल हैं. भारत की बात करें तो इनमें ब्राह्मणवादी ग्रुप सनातन संस्था, सीपीआई -माओवादी जैसे 10 संगठनों के नाम शामिल हैं. रिपोर्ट के अनुसार, फेसबुक की इस ब्लैकलिस्ट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फेसबुक का इस्तेमाल हिंसा फैलाने या गैरकानूनी गतिविधि को बढ़ावा देने के लिए न किया जाए.


इस सूची में ब्राह्मणवादी संगठन सनातन संस्था से लेकर प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी), नेशनलिस्ट सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड तक शामिल हैं. फेसबुक की इस ‘डेंजरस इंडिविजुअल्स एंड ऑर्गेनाइजेशन नाम की सूची को पहली बार खोजी वेबसाइट इंटरसेप्ट ने सार्वजनिक किया. फेसबुक ने इस सूची की प्रमाणिकता पर कोई सवाल नहीं उठाया है, लेकिन बयान में कहा कि उन्होंने इस सूची को गोपनीय रखा था.


आतंकवाद और खतरनाक संगठनों के लिए फेसबुक के नीति निदेशक ब्रायन फिशमैन ने जारी बयान में कहा, हम अपने प्लेटफॉर्म पर आतंकी, हेट ग्रुप या आपराधिक संगठन को नहीं चाहते हैं. यही वजह है कि हम उन पर प्रतिबंध लगाते हैं और उनकी प्रशंसा, प्रतिनिधित्व या समर्थन करने वाले कंटेंट को हटा देते हैं.


बयान में कहा गया, हमने मौजूदा समय में हमारी नीतियों के उच्चतम स्तरों पर 250 से अधिक श्वेत वर्चस्वादी समूहों सहित 250 से अधिक संगठनों पर प्रतिबंध लगाया है और हम नियमित रूप से अपनी नीतियों और उन संगठनों को अपडेट करते हैं जो प्रतिबंधित होने के योग्य हैं. कई ट्वीट में फिशमैन ने कहा कि इस सूची को लगातार अपडेट किया जा रहा है और यह और भी विस्तृत हो सकती है.



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डीआईओ सूची अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित हैं. उदाहरण के लिए फेसबुक के आम यूजर्स इन संगठनों और इन गतिविधियों के बारे में क्या राय रखते हैं, उसके आधार पर इन संगठनों को नियंत्रित किया जाता है. इनमें से किसी भी संगठन को फेसबुक पर उपस्थिति दर्ज कराने की मंजूरी नहीं है.



इस सूची में भारत के कई संगठन ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी), कंगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी, खालिस्तान टाइगर फोर्स, नेशनलिस्ट सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (इसाक-मुइवा), पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कंगलीपाक, सनातन संस्था शामिल हैं. इसके अलावा सूची में भारत और कई देशों में संचालित कई इस्लामिक चरमपंथी और आतंकी समूह भी है. इस सूची में जैश-ए-मोहम्मद का अफजल गुरु स्क्वाड और इस्लामिक स्टेट और तालिबान जैसे संगठनों के विभिन्न स्थानीय या उपसमूह शामिल हैं.


तथ्य यह है कि इस सूची में शामिल कुछ नाम फेसबुक पर प्रतिबंधित है. उदाहरण के लिए टाइम पत्रिका ने बताया था कि फेसबुक ने सितंबर 2020 में सनातन संस्था से जुड़े तीन पेजों को प्रतिबंधित कर दिया था.
हालांकि, इसके जरिये चरमपंथी समूहों की ऑनलाइन पहुंच कुछ हद तक कम हुई है. अप्रैल 2021 तक फेसबुक पर 27 लाख से अधिक फॉलोअर्स वाले 23 पेज सोशल मीडिया पर सक्रिय थे. इसके अलावा आलोचकों का कहना है कि हालांकि, फेसबुक नफरत फैलाने वाले समूहों को अपनी डीओआई नीति का हिस्सा मानता है लेकिन वैश्विक निकायों द्वारा निर्धारित किए गए मुस्लिम विरोधी नफरत फैलाने वाले कई संगठनों को इस सूची में शामिल नहीं किया गया है.


बता दें कि पत्रकार गौरी, लंकेश, लेखक एम एम कलबुर्गी, गोविंद पंसारे और नरेंद्र दाभोलकर की हत्या का सनातन संस्था के कार्यकर्ताओं पर आरोप है. इसके अलावा 2008 में महाराष्ट्र में सिनेमा हॉल के बाहर बम विस्फोट करने के आरोप में सनातन संस्था से जुड़े कार्यकर्ता को एटीएस ने चार्जशीट में नामजद किया है.
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