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सपा व बसपा मिल कर भाजपा पर पड़ सकती हैं भारी- सी वोटर सर्वे में 46 फीसदी वोट मिलने का अनुमान

Published On :    28 Nov 2021   By : MN Staff
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भाजपा जहां सत्ता को बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है वहीं सपा, बसपा और कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ने की बात कह रही है.



नई दिल्ली : अगले साल यानी 2022 में पांच राज्यों सहित देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले है. ऐसे में सभी सियासी पार्टियां चुनावी तैयारी में अभी से जुट गई है. भाजपा जहां सत्ता को बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है वहीं सपा, बसपा और कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ने की बात कह रही है. इस बीच चुनाव 2022 को लेकर कराए गए सर्वे में बीजेपी भले ही बड़ा दल बनकर उभर रहा है लेकिन सपा-बसपा मिल जाएं तो उसे चारों खाने चित करने की स्थिति में दिख रही हैं.


2017 के विधानसभा चुनाव में 403 की असेंबली में बीजेपी 325 सीटें लेकर पहले नंबर पर रही थी। सपा को 54 तो बसपा को केवल 19 सीटें ही मिल सकी थीं. चुनाव बाद दोनों का गठजोड़ भी टूट गया था. इस बार के साप्ताहिक सर्वे में सपा-बसपा को 46 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है. अगर सपा के साथ कांग्रेस का वोट शेयर भी जोड़ दिया जाए तो भी बीजेपी मुश्किल में पड़ सकती है. हालांकि बसपा ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान पहले ही कर दिया है. वहीं सपा छोटे दलों को साथ लेकर चुनाव लड़ने की रणनीति पर काम कर रहा है. पिछले विधानसभा चुनाव के नतीजों को देखते राज्य का कोई भी बड़ा सियासी दल कांग्रेस के साथ गठबंधन करने को तैयार नहीं है. अगर यही स्थिति रही तो सियासी जानकारों का भी मानना है कि 2022 के चुनाव में भाजपा को परास्त करना इन दलों के लिए आसान नहीं होगा.


सी वोटर सर्वे में बीजेपी को 40 तो सपा को 32 फीसदी वोट मिलते दिख रहे हैं. बसपा को 14, कांग्रेस को 8 और अन्य को 6 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है. बीते 20 नवंबर के आंकड़ो से तुलना की जाए तो बसपा को मिलने वाला वोट 1 फीसदी कम हो गया है. जबकि सर्वे के आंकड़े के अनुसार कांग्रेस को आज की तारीख में यूपी चुनाव में 8 फीसदी वोट मिलता दिख रहा है. 20 नवंबर के सर्वे में यह आंकड़ा सात फीसदी था। यानि उसकी स्थिति में सुधार होता दिख रहा है.

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सी वोटर सर्वे में माना गया है कि उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक तापमान बेहद गर्म है. सी वोटर ने साप्ताहिक सर्वे के जरिये यूपी की जनता का मूड जाना है. इस सर्वे में यूपी के 6 हजार 929 लोगों ने हिस्सा लिया है. सर्वे 18 से 24 नवंबर के बीच का है. इसमें मार्जिन ऑफ एरर प्लस माइनस तीन से प्लस माइनस 5 फीसदी है. इससे पहले के एक सर्वे में योगी आदित्यनाथ को सीएम पद के लिए सबसे लोकप्रिय नेता बताया गया था। योगी को 43 फीसदी लोगों ने अपनी पहली पसंद बताया था. अखिलेश यादव को 32 फीसदी लोगों ने सीएम पद के लिए अपनी पहली पसंद बताया.


बता दें कि उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में सपा, बसपा और कांग्रेस अपने- अपने जीत का दावा कर रहे है. इस मे हर पार्टी भाजपा को चुनाव में हराना चाहती है. लेकिन सभी दल एक साथ आकर चुनाव लडने के लिए तैयार नहीं है. इससे वोटों का बिखराव होकर भाजपा एक बार फिर सत्ता में वापसी कर सकती है. सी वोटर का जो सर्वे सामने आया वह भी यही कहता है. सियासी जानकारों और सी वोटर सर्वे का भी यही मानना है कि अगर कांग्रेस, सपा और बसपा एक साथ आकर चुनाव लडते है तो ही भाजपा को हराया जा सकता है. 


अगर सपा और बसपा भी हाथ मिलाए तो भी भाजपा के लिए चुनाव जितना आसान नहीं होगा. लेकिन बसपा सुप्रीमो पहले ही अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी है. अनुमान है कि इससे भाजपा को फायदा पहुंचेगा और भाजपा चुनाव जीत जाएगी. वहीं अखिलेश यादव छोटे दलों को साथ लेकर जीत का दावा कर रहे है, लेकिन चुनावी नतीजों के बाद ही पता चलेगा की उनका यह दांव कितना कारगर साबित होता है. रही बात कांग्रेस की तो सर्वे के अनुसार, वह चुनाव में ज्यादा सीटें जीतने की स्थिति में नहीं है. ऐसे में वह भी इस चुनाव में वोटकटवा ही साबित होगी. जैसे हाल ही में बिहार उपचुनाव में हुआ.
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