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तीन लाख से ऊपर वेतन, फिर भी पेंशन लेने वालों की सूची में मनोज सिन्हा- आरटीआई के हवाले से दावा

Published On :    29 Nov 2021   By : MN Staff
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केंद्रीय पेंशन एकाउंटिंग कार्यालय द्वारा प्रदान की गई सूची में इस तरह के राज्य स्तर के कई मंत्रियों और सांसदों के नाम भी शामिल हैं. बिहार के आरटीआई कार्यकर्ता शिव प्रकाश राय ने इस संबंध में एक आरटीआई दाखिल की थी.



नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा का नाम उन पूर्व सांसदों की सूची में है, जो पूर्व सांसद के रूप में पेंशन ले रहे हैं. सूचना का अधिकार के जरिए प्राप्त जानकारी में यह दावा किया गया है. बता दें कि लेफ्टिनेंट गवर्नर सिन्हा वेतनभोगी हैं. केंद्रीय वित्त मंत्रालय में व्यय विभाग के केंद्रीय पेंशन एकाउंटिंग कार्यालय द्वारा प्रदान की गई सूची में इस तरह के राज्य स्तर के कई मंत्रियों और सांसदों के नाम भी शामिल हैं. बिहार के आरटीआई कार्यकर्ता शिव प्रकाश राय ने इस संबंध में एक आरटीआई दाखिल की थी.



संसद सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन अधिनियम, 1954 की धारा 8। (2) और उसके तहत बने नियम  में कहा गया है कि एक पूर्व सांसद उस अवधि के लिए पेंशन का हकदार नहीं होगा, जिसके लिए वह चुने गए हैं. जिसमें राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति, या किसी भी राज्य का राज्यपाल या किसी केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासक या किसी राज्य विधायिका के लिए चुने गए लोग शामिल है.



ऐसे में मनोज सिन्हा का नाम जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल के पद पर बने रहने के साथ पूर्व सांसद के रूप में पेंशन पाने वालों की सूची में हैं. बता दें कि सिन्हा ने अगस्त 2020 में जम्मू कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में शपथ ली थी. वहीं इसके पहले मनोज सिन्हा यूपी के गाजीपुर से तीन बार भाजपा के टिकट पर लोकसभा सांसद चुने गए थे. हालांकि 2019 में भी उन्होंने गाजीपुर से चुनाव लड़ा लेकिन हार गए. जिसके बाद उन्हें उप राज्यपाल बनाया गया.


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बता दें कि एक लेफ्टिनेंट गवर्नर को 2.25 लाख रुपये के अलावा सचिव स्तर के केंद्र सरकार के अधिकारियों के रूप में महंगाई भत्ता व अन्य खर्च को मिलाकर उन्हें 3 लाख रुपये से अधिक वेतन मिलता है. वहीं पूर्व लोकसभा सांसदों को पांच साल से अधिक की सेवा के लिए हर साल 25,000 रुपये की हर महीने पेंशन और अतिरिक्त 2,000 रुपये प्रतिमाह मिलता है.



बता दें कि इसके पहले भी आरटीआई के जानकारी में खुलासा हुआ है कि विभिन्न सदनों के सदस्य रहने के बावजूद देश में 1 हजार 981 नेता लोकसभा और राज्यसभा से पेंशन ले रहे हैं. जबकि नियम के मुताबिक ऐसा नहीं होना चाहिए. इन नेताओं में बिहार के दो मंत्रियों के अलावा दो विधान परिषद सदस्यों के नाम भी शामिल है. इस लिस्ट में खान-भूतत्व मंत्री जनक राम और उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन के नाम शामिल हैं. सूची में जनक राम का नाम 1415, शाहनवाज हुसैन 1247, उपेंद्र कुशवाहा 1676 और बीजेपी एमएलसी संजय पासवान का नाम 207 वे नंबर पर हैं.
 

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