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खड़गे का दावा- कोरोना से 50 लाख से अधिक मौतें हुईं, केंद्र ने किया किसानों का अपमान

Published On :    2 Dec 2021   By : MN Staff
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कृषि कानूनों की वापसी के लिए आंदोलन के दौरान 700 से ज्यादा किसानों की मौत हो गयी और सरकार कह रही है कि उनके पास कोई डेटा नहीं है.



नयी दिल्ली : नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि कोरोना से 50 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई. संसद के शीत सत्र में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के एक बयान को उन्होंने किसानों का अपमान बताया. उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों की वापसी के लिए आंदोलन के दौरान 700 से ज्यादा किसानों की मौत हो गयी और सरकार कह रही है कि उनके पास कोई डेटा नहीं है. उन्होंने कहा, किसान संगठनों का दावा है कि तीन कृषि कानूनों की वापसी की मांग के लिए शुरू हुए आंदोलन में 700 से अधिक किसान शहीद हो गये.



लोकसभा में सरकार से पूछा गया था कि क्या सरकार के पास कोई ऐसा डेटा है कि कितने किसानों की आंदोलन के दौरान मौत हुई है और सरकार मारे गए किसानों को कोई मुआवजा देगी? इस सवाल के लिखित जवाब में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर कहा कि कृषि मंत्रालय के पास किसान आंदोलन की वजह से किसी किसान की मौत का कोई रिकॉर्ड नहीं है. ऐसे में मृतक किसानों को वित्तीय सहायता देने का कोई सवाल ही नहीं उठता है.



कृषि मंत्री के इस बयान पर राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भड़क गये. उन्होंने इसे किसानों का अपमान करार दिया. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री खड़गे ने कहा कि तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग के लिए एक साल तक आंदोलन चला. 700 से ज्यादा किसानों की मौत हो गयी. और सरकार कह रही है कि उनके पास किसानों की मौत का कोई डेटा नहीं है.


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मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूछा कि केंद्र सरकार ऐसा कैसे कह सकती है कि उसके पास कोई रिकॉर्ड नहीं है? उन्होंने कहा कि जब सरकार के पास 700 किसानों की मौत का कोई रिकॉर्ड नहीं है, तो उसने कोरोना महामारी के दौरान लाखों लोगों की मौत के आंकड़े कहां से जुटा लिये? खड़गे ने कहा कि पिछले दो सालों में कोरोना संक्रमण की वजह से 50 लाख से अधिक लोगों की मौत हो गयी. लेकिन, सरकार कह रही है कि सिर्फ 4 लाख लोगों की कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से मौत हुई है.



संसद से पारित किये गये तीन कृषि कानूनों पर संसद से सड़क तक राजनीति जारी है. एक साल से किसानों के करीब तीन दर्जन संगठन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं. ये लोग कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग के साथ एमएसपी को कानून के दायरे में लाने की मांग कर रहे है. पिछले एक साल से ज्यादा वक्त से चल रहे किसान आंदोलन में किसान नेता 700 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा करते हैं. किसान नेता इन किसानों को शहीद का भी दर्जा देने की मांग कर रहे हैं.

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