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एमपी में 29 तो राजस्थान में हर दिन 14 बच्चे हुए गुम, लड़कियों को लेकर चौंकाने वाली है ‘क्राई’ की रिपोर्ट

Published On :    23 May 2022   By : MN Staff
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राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो के 2020 के आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में लापता बच्चों के 8,751 और राजस्थान में 3,179 मामले दर्ज किए गए. क्राई के साझेदार संगठनों की ओर से आरटीआई के तहत दायर आवेदनों के जवाब में सरकारों ने बताया कि 2021 में मध्यप्रदेश में बच्चों के गुम होने के 10,648 और राजस्थान में 5,354 मामले दर्ज किए गए हैं.



नई दिल्ली : गैर सरकारी संगठन ’क्राई’ की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि मध्य प्रदेश और राजस्थान में गुमशुदगी के मामलों में चिंताजनक वृद्धि हुई है. मध्यप्रदेश में 2021 में हर दिन औसतन 29 और राजस्थान में 14 बच्चे लापता हुए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर भारत के चार प्रमुख राज्यों में बच्चों के लापता होने के मामलों में काफी वृद्धि हुई है. क्राइ की रिपोर्ट के मुताबिक 2021 में मध्य प्रदेश और राजस्थान में गुम लड़कियों की संख्या लड़कों की तुलना में पांच गुना अधिक है.


राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो के 2020 के आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में लापता बच्चों के 8,751 और राजस्थान में 3,179 मामले दर्ज किए गए. क्राई के साझेदार संगठनों की ओर से आरटीआई के तहत दायर आवेदनों के जवाब में सरकारों ने बताया कि 2021 में मध्यप्रदेश में बच्चों के गुम होने के 10,648 और राजस्थान में 5,354 मामले दर्ज किए गए हैं. आरटीआई के माध्यम से एकत्र किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि मध्य प्रदेश में लापता बच्चों की संख्या के मामले में इंदौर, भोपाल, धार, जबलपुर और रीवा जिला शीर्ष पर है.


रिपोर्ट कहती है कि मध्य प्रदेश से प्रतिदिन औसतन 24 लड़कियां और पांच लड़कों समेत 29 बच्चे लापता हुए हैं. राजस्थान में कुल 5,354 बच्चे-4,468 लड़कियां और 886 लड़के लापता हुए. रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान में हर दिन औसतन 12 लड़कियों और दो लड़कों समेत 14 बच्चे लापता हुए. यह आंकड़े 2020 की तुलना में मध्य प्रदेश में लापता बच्चों के मामलों में लगभग 26 प्रतिशत की वृद्धि और राजस्थान में 41 फीसदी की बढ़ोतरी का संकेत देते हैं. इसके मुताबिक, 2020 में 2,222 बच्चों की तस्करी की गई थी और इनमें सबसे ज्यादा संख्या राजस्थान की थी जहां 815 बच्चों की तस्करी की गई थी.


उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में से 58 में 2021 में कुल 2,998 बच्चे लापता हुए जिनमें 835 लड़के और 2,163 लड़कियां हैं. राज्य में लापता हुए बच्चों में करीब 88.9 प्रतिशत 12-18 वर्ष के आयु वर्ग के थे. आंकड़ों से पता चलता है कि उत्तर प्रदेश में लापता बच्चों की संख्या के मामले में लखनऊ, मुरादाबाद, कानपुर नगर, मेरठ और महाराजगंज जिला शीर्ष पर हैं.


रिपोर्ट कहती है कि दिल्ली के आठ पुलिस जिलों में 2021 में कुल 1641 बच्चे लापता हुए यानी रोज़ाना औसतन पांच बच्चे लापता हुए. दिल्ली में लापता हुए बच्चों में से करीब 85 प्रतिशत बच्चे 12-18 वर्ष की आयु के थे. उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड के अनुसार, दिल्ली में 2021 में सबसे ज्यादा बच्चे उत्तर पूर्वी जिले में गुम हुए है जबकि दक्षिण पूर्व जिले में सबसे कम लापता हुए. 12-18 आयु वर्ग के सबसे अधिक बच्चे उत्तर पूर्वी जिले से लापता हुए हैं. पश्चिम, उत्तर पश्चिम और दक्षिण जिलों का आकंड़ा उपलब्ध नहीं कराया गया है.


क्राइ (उत्तर) की क्षेत्रीय निदेशक सोहा मोइत्रा ने बताया, मध्य प्रदेश और राजस्थान में 2021 में लापता हुए बच्चों में 83 फीसदी से ज्यादा लड़कियां थीं. मध्य प्रदेश में पिछले साल 8,876 लड़कियों और राजस्थान में 4,468 लड़कियों के लापता होने के मामले दर्ज किए गए. उन्होंने कहा कि यह गंभीर चिंता का विषय है कि पिछले पांच वर्षों से लापता बच्चों में लड़कियों की संख्या अधिक है.

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