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सत्ता स्थायी नहीं होती, वह आती-जाती रहती है, एक दिन आप भी चले जाएंगे, सत्यपाल मलिक ने फिर साधा पीएम मोदी पर निशाना

Published On :    22 Nov 2022   By : MN Staff
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मेघालय के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक पिछले कुछ महीनों से केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर है.



जयपुर :  मेघालय के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक पिछले कुछ महीनों से केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर है. अब एक बार फिर से उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोला है. उन्होंने कहा, ‘मोदी जी को समझना चाहिए कि सत्ता तो आती और जाती रहती है. इंदिरा गांधी की सत्ता भी चली गई जबकि लोग कहते थे कि उन्हें कोई नहीं हटा सकता. एक दिन आप भी चले जाएंगे, इसलिए हालात इतने भी न बिगाड़े कि जिसे सुधारा नहीं जा सके.


रविवार को जयपुर में राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह समझना चाहिए कि सत्ता स्थायी नहीं है और वह आती-जाती रहती है. इसके साथ ही उन्होंने सैनिकों की भर्ती की ‘अग्निपथ’ योजना को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इससे सेना कमजोर होगी और तीन साल की सेवा के जवान में बलिदान का जज्बा नहीं रहेगा. मलिक ने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर राजस्थान सरकार पर निशाना साधते हुआ कहा कि जो सरकार ओबीसी आरक्षण से छेड़छाड़ करेगी वह जाएगी.


उन्होंने कहा, ‘देश में कई तरह की लड़ाई शुरू होने वाली हैं. किसान फिर से आंदोलन करेंगे तो नौजवान भी केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे. अग्निवीर योजना सिर्फ किसानों को खत्म करने की साजिश है, क्योंकि किसानों के बच्चे पढ़ लिखकर सेना में अच्छे पदों पर जाते थे. वह लोग दूसरे किसानों के बच्चों को भी पढ़ लिखाकर सेना में आने का मौका देते थे. अब सिर्फ तीन साल की नौकरी में युवा कुछ नहीं कर पाएंगे.


उन्होंने यह भी कहा कि जवान में जो कुर्बानी देने का जज्बा होता था वह तीन साल के लिए भर्ती किए जाने वाले जवान में नहीं होगा. उन्होंने आगे कहा, और यहां तक कि मुझे बताया गया है कि उन्हें ब्रह्मोस और अन्य मिसाइलों और हथियारों को छूने की अनुमति नहीं दी जाएगी. इसलिए वे सेना को भी बर्बाद कर रहे हैं.


राज्यपाल के पद से सेवानिवृत्त हुए मलिक केंद्र की भाजपा सरकार पर लगातार निशाना साधते रहे हैं. सितंबर महीने में ही उन्होंने कहा था कि उन्हें संकेत दिया गया था कि अगर वह केंद्र के खिलाफ बोलना बंद कर दें तो उन्हें उपराष्ट्रपति बना दिया जाएगा. मलिक ने उस समय आयकर विभाग व ईडी द्वारा मारे जा रहे छापों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना पर कहा था कि कुछ छापे भाजपा वालों पर भी डलवा दिए जाएं तो यह बात नहीं कही जाएगी. भाजपा में छापे डलवाने लायक बहुत लोग हैं.


इससे पहले सत्यपाल मलिक किसान आंदोलन से जुड़े मसलों को लेकर भी मोदी सरकार को आड़े हाथों ले चुके हैं. उन्होंने कहा था कि एमएसपी लागू न करने के पीछे प्रधानमंत्री मोदी का दोस्त अडानी है. इस साल जून महीने में मलिक ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि एमएसपी पर कानून नहीं बना तो देश में किसानों की सरकार के साथ बहुत भयानक लड़ाई होगी.


उससे पहले मई में भी सत्यपाल मलिक ने एमएसपी पर कानून बनाने की वकालत करते हुए कहा था कि सरकार ने कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को समाप्त कराने के लिए जो वादे किए थे उन्हें अभी तक पूरा नहीं किया गया है. किसानों ने केवल दिल्ली में अपना धरना समाप्त किया है, लेकिन तीन विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ उनका आंदोलन अभी भी जीवित है.


जनवरी में उन्होंने प्रधानमंत्री पर ‘घमंडी’ होने का आरोप लगाते हुए कहा था कि जब मलिक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से (अब निरस्त कर दिए गए) नए कृषि कानूनों को लेकर बात करनी चाही, तब वे बहुत घमंड में थे और मलिक की उनसे पांच मिनट में ही लड़ाई हो गई. अक्टूबर 2021 में उन्होंने कहा था कि यदि किसानों की मांगें स्वीकार नहीं की जाती हैं, तो भाजपा सत्ता में नहीं आएगी.

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