×
भारत /

कोविड कुप्रबंधन के लिए मोदी सरकार ज़िम्मेदार : पूर्व नौकरशाह

Published On :    22 May 2021   By : MN Staff
शेयर करें:


बाहरी दुनिया की मदद लेने के लिए मजबूर आत्मानिर्भर भारत



नई दिल्ली: पूर्व नौकरशाहों के एक समूह ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र लिखकर का कहा कि केंद्र सरकार को सभी भारतीय नागरिकों का कोविड-19 रोधी टीकाकरण मुफ्त में करना चाहिए तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आरटी-पीसीआर जांच बढ़ानी चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों के निराकरण के बजाय कोविड संकट के प्रभावी प्रबंधन के विमर्श को लेकर अधिक चिंतित है. इस पत्र पर पूर्व कैबिनेट सचिव केएम चंद्रशेखर, पूर्व स्वास्थ्य सचिव के सुजाता राव, पूर्व विदेश सचिव एवं पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारी शिवशंकर मेनन, प्रधामंत्री के पूर्व सलाहकार टीकेए नायर, पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह और दिल्ली के पूर्व उप राज्य पाल नजीब जंग सहित 116 पूर्व नौकरशाहों ने हस्ताक्षर किए हैं.


पत्र में कहा गया, हम जानते हैं कि इस महामारी ने पूरी दुनिया के लिए खतरा पैदा किया है और भारत के नागरिकों भी अछूते नहीं रहेंगे. पूर्व नौकरशाहों ने कहा कि आम नागरिक जिस प्रकार चिकित्सा सहायता के लिए क्रंदन कर रहे हैं और मृतकों की संख्या हजारों में पहुंच रही, वहीं इस भारी संकट के बावजूद आपकी सरकार का लापरवाह नजरिया सामने आ रहा है. इसका भारतीयों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर जो प्रभाव पड़ रहा है, उसके बारे में सोच-सोचकर हमारा दिमाग सुन्न हो रहा है.


पत्र के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय समुदाय और भारतीय वैज्ञानिकों की चेतावनी के बावजूद पहली और दूसरी लहर के बीच मिले समय का इस्तेमाल अहम संसाधनों जैसे चिकित्सा कर्मी, अस्पतालों में बिस्तर, ऑक्सीजन आपूर्ति, वेंटिलेटर, दवाएं एवं अन्य चिकित्सा आपूर्ति जुटाने में नहीं किया गया. कॉन्स्टिट्यूशनल कंडक्ट ग्रुप (सीसीजी) के बैनर तले जारी पत्र में कहा गया, इससे भी अधिक अक्षम्य है कि टीकों का पर्याप्त भंडार जमा करने की पूर्व में योजना नहीं बनाई गई जबकि भारत दुनिया के अहम टीका आपूर्तिकर्ताओं में एक है. पत्र में कहा गया, आप और आपके मंत्री सहयोगियों द्वारा विभिन्न मंचों पर प्रदर्शित की गई शालीनता ने न केवल उभरते खतरे से ध्यान हटा दिया, बल्कि शायद राज्य सरकारों और नागरिकों दोनों को एक महत्वपूर्ण मोड़ पर अपने सतर्कता को छोड़ने में योगदान दिया.


‘इंडिया नीड्स एक्शन नाउ’ शीर्षक वाले पत्र में कहा गया है, परिणामस्वरूप आपका आत्मानिर्भर भारत आज आपकी सरकार द्वारा अपने ही लोगों पर की गई पीड़ा को कम करने के लिए बाहरी दुनिया की मदद लेने के लिए मजबूर है. पूर्व नौकरशाहों ने कहा कि मार्च 2020 में महामारी की शुरुआत से ही सरकार ने कभी भी व्यवस्थित रूप से उस धन का आकलन नहीं किया जिसकी राज्य सरकारों को महामारी से निपटने के लिए आवश्यकता होगी. पत्र में कहा गया है, पीएम-केयर्स फंड की स्थापना तब की गई, जब पहले से ही एक प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष था. इसमें एकत्र किए गए धन और विभिन्न मदों पर खर्च के बारे में कोई खुलासा नहीं किया गया है. पत्र में कहा गया है कि गैर सरकारी संगठनों, विशेष रूप से विदेशी योगदान प्राप्त करने वालों पर लगाए गए कठोर प्रतिबंधों ने महामारी के दौरान राहत प्रदान करने के उनके प्रयासों में बाधा उत्पन्न की है.


यह भी पढ़े: भाड़ में जाय देश और जनता : कुंभ के बाद अब चार धाम की धूमधाम से तैयारी


पत्र में कहा, सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों को दांव पर लगाने के बजाय कोविड-19 संकट के ‘कुशल’ प्रबंधन की कथा के प्रबंधन के लिए अधिक चिंतित है. उन्होंने सरकार से भारत के सभी नागरिकों को मुफ्त, सार्वभौमिक टीकाकरण प्रदान करने का आग्रह किया. पत्र में कहा, भारत सरकार को सभी उपलब्ध स्रोतों से टीकों की खरीद को केंद्रीकृत करना चाहिए और उन्हें राज्य सरकारों और अन्य सभी कार्यान्वयन एजेंसियों को आपूर्ति करना चाहिए. उन्होंने सरकार से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आरटी-पीसीआर परीक्षण में तेजी लाने, राज्यों को चिकित्सा सुविधाओं के प्रावधान के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराने और सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना जैसी गैर-आवश्यक वस्तुओं पर खर्च को रोकने का भी आग्रह किया.


पत्र में कहा गया है, समाज के जरूरतमंद वर्गों को मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए मासिक आय सहायता प्रदान करें ताकि वे आकस्मिक खर्चों और अप्रत्याशित आपात स्थितियों को पूरा कर सकें. अर्थशास्त्रियों ने न्यूनतम मजदूरी के बराबर प्रति परिवार 7,000 रुपये प्रति माह की सिफारिश की है. पूर्व नौकरशाहों ने सरकार से एनजीओ पर लगाए गए एफसीआरए प्रतिबंधों को तुरंत हटाने के लिए भी कहा ताकि वे विदेशी सरकारों द्वारा प्रदान किए गए धन का लाभ उठा सकें और कोविड प्रबंधन और अन्य संबंधित गतिविधियों के लिए दान कर सकें.



PAY BACK TO THE SOCIETY NATIONWIDE AGITATION FUNDDonate Here



संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
कुंभ मेले में दी गई कोरोना की झूठी टेस्ट रिपोर्ट? एक शिकाय
भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र, लेकिन अभिव्यक्ति की आज
पश्चिम बंगाल में भाजपा को झटके, टीएमसी में जाने लगे कार्य
मंदिरों में ब्राह्मण पुजारियों की नियुक्ति पर स्टालिन स
ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई, शिवराज सरकार का कोर्ट
बाराबंकी में मस्जिद गिराए जाने के खिलाफ मुस्लिम पर्सनल ल
शिवसेना के साथ किया गया गुलाम जैसा सलूक, कि गई समाप्त करने
मोदी सरकार का केंद्रीय कर्मचारियों को झटका, ओवरटाइम भत्त
कोरोना से जहां पहले बताई छह मौतें, अब कहा 180ः नीतीश सरकार प
बीजेपी उसी तरह का प्रयोग कर रही जैसा हिटलर ने किया, सपा ने
खरीफ फसलों की एमएसपी में मामूली बढ़ोत्तरी ऊंट के मुंह में
कैमरे में डीलिंग करते कैद आरएसएस प्रचारक और मेयर पति, सीड
26 जून को देशभर के राजभवनों पर प्रदर्शन करेंगे, किसानों का
असम में घट गई मुस्लिमों की जनसंख्या फिर भी मुख्यमंत्री द
ड्रग की तस्करी में बीजेपी युवा मोर्चा का नेता गिरफ्तार, 7.75
दुनियाभर में बाल श्रमिकों की संख्या बढ़ी, कोविड के चलते बढ़
टकराव वाली जगह से सिर्फ भारत ही पीछे हटा, जबकि चीन आगे बढ़ा
आगामी चुनाव एनसीपी और शिवसेना मिलकर लड़ेंगे, शरद पवार का ब
सबको टीका लगाना नादानी, पहले उन्हें कवर करें जिनकी जान को
बेरोजगारी रिकॉर्ड तोड़ रही है, महंगाई तोड़ रही है कमर, भाजपा
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper