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ये चमकता भारत होगा या कराहता भारत? आईएमएफ का जिक्र कर बीजेपी नेता ने कसा वित्त मंत्रालय पर तंज

Published On :    30 Jul 2022   By : MN Staff
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ट्वीट में भाजपा नेता स्वामी ने लिखा, ‘जिस आईएमएफ के आंकड़े को शेयर करते हुए वित्त मंत्रालय ने एक महीने पहले खुशी जाहिर की थी कि आने वाले वित्तीय वर्ष में विकास दर 8.5 फीसदी होगी, उसी आईएमएफ ने अब इस दर को घटाकर 7.4 फीसदी और जल्द ही 6 फीसदी कर दिया है.



नई दिल्ली : पिछले कई महीनों से भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी कई मुद्दों को लेकर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए हमला बोल रहे है. इसके पहले सुब्रमण्यम स्वामी भारत की विकास दर पर सवाल किया है और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का जिक्र करते हुए वित्त मंत्रालय पर तंज कसा है.

अपने एक ताजा ट्वीट में भाजपा नेता स्वामी ने लिखा, ‘जिस आईएमएफ के आंकड़े को शेयर करते हुए वित्त मंत्रालय ने एक महीने पहले खुशी जाहिर की थी कि आने वाले वित्तीय वर्ष में विकास दर 8.5 फीसदी होगी, उसी आईएमएफ ने अब इस दर को घटाकर 7.4 फीसदी और जल्द ही 6 फीसदी कर दिया है. तो अब क्या ये चमकता भारत होगा या कराहता भारत होगा?’

बता दें कि हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी विकास दर को लेकर संकेत दिया है कि चालू वित्त वर्ष में देश की आर्थिक विकास दर अनुमान से कम रहेगी. इसके पीछे वजह यह है कि कच्चे तेल के जिस अनुमान पर वित्त विभाग ने विकास दर का अनुमान लगाया, असल में कीमत उससे काफी ज्यादा है.

हाल ही में सुब्रमण्यम स्वामी ने मोदी समर्थकों पर निशाना साधते हुए कहा था कि पीएम मोदी के पास अंधभक्त एम्प्लॉई हैं जो पैसे लेकर मुझे अपशब्द बोलते हैं लेकिन मैं अपने ट्वीट खुद करता हूं. उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, ‘ट्विटर पर मोदी भक्तों के साथ परेशानी यह है कि वे पूरे साक्षर नहीं हैं और वे मेरी पीएचडी और ज्ञान के आधार पर किये गये ट्वीट का जवाब ठीक से नहीं दे सकते हैं. तो ऐसे में वे सभी मंदबुद्धि बुरा बर्ताव करते हैं, जिससे वो ब्लॉक हो जाते हैं। दयनीय!”

बता दें कि आईएमएफ ने ग्लोबल विकास दर के साथ- साथ भारत के वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद के वृद्धि के अनुमान को भी कम कर दिया है. आईएमएफ ने कहा है कि अगर अगर ध्यान नहीं दिया गया तो उच्च महंगाई दर और यूक्रेन में युद्ध से होने वाले रिस्क की वजह से ग्लोबल इकोनामी में सबसे खराब मंदी की संभावना है. आईएमएफ ने उच्च मुद्रास्फीति, मंदी की संभावना, रूस-यूक्रेन संकट, चीन में मंदी जैसे ग्लोबल इकोनॉमी की स्थिति की वजह से भारत के विकास अनुमान को कम कर दिया.

आईएमएफ ने साल 2022 के लिए भारत के लिए अपने वार्षिक विकास अनुमान को 0.8 प्रतिशत घटाकर 7.4 प्रतिशत कर दिया. इसके साथ ही आईएमएफ ने भारत के लिए अपने 2023 के अनुमान को भी 0.8 प्रतिशत अंक घटाकर 6.1 प्रतिशत कर दिया.



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