×
भारत /

भुगतान में देरी को लेकर मनरेगा मज़दूरों का दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन

Published On :    5 Aug 2022   By : MN Staff
शेयर करें:


मनरेगा मजदूरी के भुगतान में देरी के चलते 15 राज्यों के 500 से ज्यादा मजदूरों ने बुधवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया.



नई दिल्ली : मनरेगा मजदूरी के भुगतान में देरी के चलते 15 राज्यों के 500 से ज्यादा मजदूरों ने बुधवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया. धरने के दूसरे दिन कई राज्यों के मजदूरों ने नरेगा संघर्ष मोर्चा के बैनर तले प्रदर्शन किया. इस दौरान मजदूरों ने आरोप लगाया कि समय पर मजदूरी की मांग की तो उन्हें काम नहीं मिला. उन्होंने यह भी कहा कि जब कार्यस्थल पर कोई मजदूर घायल हो गया या उसकी मौत हो गई तो उन्हें मुआवजा तक नहीं दिया गया.


वायर के अनुसार, वर्तमान में 21,850 करोड़ रुपये से अधिक का वेतन अप्रैल 2020 से बकाया है, जिसमें से 6,800 करोड़ रुपये का वेतन अकेले इस साल का है. पश्चिम बंगाल में दिसंबर 2021 से वेतन नहीं दिया गया है और वर्तमान बकाया 2,500 करोड़ रुपये से ऊपर है. नरेगा संघर्ष मोर्चा द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2021-22 की पहली छमाही के 18 लाख वेतन चालानों के विश्लेषण से पता चला है कि भारत सरकार द्वारा अनिवार्य 7 दिनों की अवधि के भीतर केवल 29 फीसदी भुगतान जारी किए गए हैं. बयान में आगे कहा गया है, ‘इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि अपर्याप्त धन आवंटन से मजदूरी के भुगतान में देरी होती है. 31 जुलाई तक बजट का 66.4 फीसदी खर्च हो चुका है और वित्त वर्ष में आठ महीने शेष हैं.’


कई मजदूरों ने राष्ट्रीय मोबाइल निरीक्षण प्रणाली ऐप की शुरुआत के संबंध में चिंता जताई. खबरों के मुताबिक, ऐप में तकनीकी खामियों के चलते कई श्रमिकों को अपनी मजदूरी से हाथ धोना पड़ा है. ऐप का इस्तेमाल करने की बाध्यता चलते कुछ महिलाओं को स्मार्टफोन खरीदने के लिए ऋण तक लेना पड़ा.


कई मजदूरों ने बताया कि उन्हें महंगाई के चलते दो समय के भोजन का इंतजाम करने में भी कठिनाई होती है प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पीडीएस में दालें, बाजरा और तेल को भी शामिल करने और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को कोविड महामारी के जारी रहने तक बढ़ाए जाने की मांग की है.


ज्ञात हो कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने 2022-23 के लिए मनरेगा में बजट आवंटन कम करके 73 हजार करोड़ कर दिया है जो कि पिछले साल के आवंटन से 25 प्रतिशत कम है. मनरेगा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए बेहद अहम है लेकिन कई कारणों से यह अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर पा रहा है जिनमें इस योजना के तहत बजट आवंटन में कमी बेहद अहम मुद्दा है. मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्र में प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को कम से कम सौ दिनों का रोजगार देने की व्यवस्था है. वहीं महिलाओं को मनरेगा के तहत उपलब्ध काम का एक तिहाई काम देने का प्रावधान है.



PAY BACK TO THE SOCIETY NATIONWIDE AGITATION FUNDDonate Here



संपर्क करें

आपके पास अगर कोई महत्वपुर्ण जानकारी, लेख, ओडीयो, विडीयो या कोई सुझाव हैै तो हमें नीचे दिये ई-मेल पर मेल करें.:

email : news@mulniwasinayak.com


MN News On Facebook

लोक​प्रिय
सीएम हेमंत सोरेन बोले- महाजनों से लिया गया कर्ज वापस नहीं
भाजपा ज्यादा मजबूत हुई तो छिन लिया जाएगा लोगों के वोट का अ
मिर्ची बाबा रेप के आरोप में गिरफ्तार, पीड़िता का आरोप- नशे
आरटीआई दायर करने की सजा, गुजरात में दस लोगों पर लगा दिया आ
साहित्यिक सम्मान प्राप्त कवि को स्थानीय मुद्दे उठाना पड़
बेंगलुरु का ईदगाह मैदान सरकारी संपत्ति घोषित, कानूनी लड़ा
बिहार में बनी गठबंधन की सरकार, नीतीश कुमार ने सीएम तो तेजस
सुप्रीम कोर्ट बोला- हिंदुओं को अल्पसंख्यक घोषित करना अदा
सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों की कपिल सिब्बल ने की आलोच
लोकसभा में विद्युत संशोधन विधेयक पेश, विपक्षी दलों ने कि
टीईटी घोटाले में आया शिंदे गुट के विधायक अब्दुल सत्तार क
कड़ी मेहनत की होती तो एक सवाल का जवाब प्रधानमंत्री से दिला
स्कूल का निरिक्षण करने पहुचे शिक्षा मंत्री, बिना फर्नीचर
बीजेपी को लगा बड़ा झटका, बिहार में टूटा गठबंधन, सीएम नीतीश
मध्य प्रदेश में शपथ विवाद, महिला पंचायत प्रतिनिधियों के
अयोध्या में ज़मीन की अवैध ख़रीद-फ़रोख़्त कि सूची में भाजपा व
विटामिन ए से भारत में 40 फीसदी बच्चे वंचित, बढ़ सकती है बौद्ध
एमपी में मॉब लिन्चिंग का वीडियो वायरल, दाढ़ी रखने वाले युव
एससी/एसटी के छात्रों के साथ हो रहा अन्याय! हर साल घटी छात्
बिहार में टूट सकता है बीजेपी- जेडीयू गठबंधनः आरजेडी-कांग
COPYRIGHT

All content © Mulniwasi, unless otherwise noted or attributed.


ABOUT US

It is clear from that the lack of representation given to our collective voices over so many issues and not least the failure to uphold the Constitution - that we're facing a crisis not only of leadership, but within the entire system. We have started our “Mulnivasi Nayak“ on web page to expose the exploitation and injustice wherever occurring by the brahminical forces & awaken the downtrodden voiceless & helpless community.

Our Mission

Media is playing important role in democracy. To form an opinion is the primary work in any democracy. Brahmins and Banias have controlled the fourth pillar of the democracy, by which democracy is in danger. We have the mission to save the democracy & to make it well advanced in common masses.

© 2018 Real Voice Media. All Rights Resereved
 e - Newspaper